February 26, 2024

श्रीनगर में शनिवार रात सीआरपीएफ कैंप में हुए फिदायीन हमले में रतनगढ़ तहसील के गांव गौरीसर निवासी सीआरपीएफ सिपाही राजेन्द्र नैण (26) शहीद हो गए। राजेन्द्र के शहीद होने की खबर लगते ही गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। राजेन्द्र के मित्र व जानकार सभी गमगीन हो गए। हालांकि परिजनों में कुछ ही लोगों को इसकी सूचना दी गई है। राजेन्द्र का शव सोमवार को उसके गांव पहुंचेगा। राजेन्द्र तीन भाई व एक बहन में सबसे छोटा था। 17 माह पहले ही राजेन्द्र की फतेहपुर क्षेत्र के चुआस गांव (हाल रायपुरिया गांव) की प्रियंका से शादी हुई थी। वह दो साल पहले सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। राजेन्द्र बी बटालियन 130 सीआरपीएफ में कार्यरत था। श्री नगर क्षेत्र में उसकी पोस्टिंग हुई थी। पिता किसान है व पत्नी गृहणी है। प्रधान गिरधारी बांगड़वा ने बताया कि राजेन्द्र शहीद होने से दो दिन पहले ही पत्नी, घर वालों व दोस्तों को नए वर्ष का अग्रिम बधाई का संदेश वाट्स एप किया था। लेकिन नए साल के एक दिन पहले ही वीरगति को प्राप्त हो गया। राजेन्द्र 20 दिन पहले ही गांव से गया था। गांव में करीब 17 दिन रुका था। जाते समय सभी दोस्तों व जानकारों से मिलकर गया था। सोमवार को उसका शव विशेष वाहन से गांव गौरीसर पहुंचेगा। गांव में राजकीय सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। राजेन्द्र की पत्नी अभी पीहर में है। उसे इस बात की अभी तक जानकारी नहीं दी गई। बता दें कि नए साल से पहले जम्मू कश्मीर के पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला हुआ। फिदायीन आतंकियों ने अवंतिपुरा के लीथपोरा में सीआरपीएफ कैंप को निशाना बनाया। ट्रेनिंग कैंप पर हुए इस हमले में 5 जवान शहीद हो गए हैं। घंटों बाद सुरक्षाबलों ने 2 आंतकियों को मार गिराया। इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए मोहम्मद ने ली है।