May 28, 2024

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा द्वारा भारत-नेपाल सीमा पर गिरफ्तार किया गया इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का मोस्ट वांटेड आतंकी आरिज खान उर्फ जुनैद यूपी के अजामगढ़ा का रहने वाला है। दिल्ली ब्लास्ट में शामिल जुनैद पर 20 लाख रुपए का इनाम था।

जुनैद की हरकतों के चलते परिवार ने उससे नाता तोड़ लिया था। वह 2008 में दिल्ली में हुए बटला हाउस एनकाउंटर के बाद से फरार था। 13 सितंबर, 2008 को दिल्ली में हुए सीरियल बम धमाके के बाद बटला हाउस इलाके में स्पेशल सेल व आईएम आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई थी। यहां पांच आतंकी फ्लैट ए-18 को किराए पर लेकर रह रहे थे।

मुठभेड़ में आतंकी आतिफ अमीन व छोटा साजिद को फ्लैट के अंदर ही मार गिराया गया था व आतंकी सैफ को जिंदा दबोच लिया गया था। इसी दौरान शहजाद उर्फ पप्पू व आरिज खान उर्फ जुनैद मौके से भागने में सफल हो गए थे। शहजाद को कुछ साल बाद दिल्ली पुलिस ने पकड़ा था, उसे उम्रकैद की सजा भी सुनाई जा चुकी है। इस मुठभेड़ में स्पेशल सेल के जांबाज इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे।

27 साल का जुनैद आजमगढ़ का रहने वाला

डीसीपी विशेष शाखा प्रमोद कुमार कुशवाह के मुताबिक 27 साल का आरिज खान उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है। वर्ष 2008 में वह मुजफ्फरनगर स्थित एक कॉलेज में बीटेक का छात्र था। यहां उसके साथ उत्तर प्रदेश के चार अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले साथी आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन में शामिल हो गए थे।

चाचा के यहां रहकर की पढ़ाई

बिलरियागंज थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव के मूल निवासी आरिज उर्फ जुनैद खान के चाचा डा. फकरे आलम पेशे से चिकित्सक हैं। नसीरपुर बाजार में ही उनकी डिस्पेंसरी है। फकरे आलम बाज बहादुर में अपना मकान बनवाकर परिवार समेत रहते हैं। आरिज ने अपने चाचा के यहां रहकर प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद वह मुजफ्फरनगर इंजीनियरिग की पढ़ाई करने के लिए चला गया।

अब्दुल सुभान ने किया ब्रेन वॉश

इन सभी का ब्रेन वॉश आतंकी अब्दुल सुभान कुरैशी ने किया था। वह आईएम का सह-संस्थापक है व सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) से भी जुड़ा हुआ था। अभी जनवरी में सेल ने कुरैशी को गिरफ्तार किया व उससे पूछताछ कर आरिज को भी पकड़ लिया गया। बटला हाउस मुठभेड़ में मारे गए आतंकी आतिफ अमीन का आरिज दाहिना हाथ व घनिष्ठ साथी था। आरिज को बम बनाने के साथ ही बेहतर जगह पर प्लांट करने का काम भी आता है।

जल्द बन गया था मुख्य साजिशकर्ता

आईएम में शामिल होने के बाद आरिज ने जल्द ही पाक में बैठे आकाओं का दिल जीत लिया था। इसके बाद वह हर धमाके का मुख्य साजिशकर्ता बनाया जाने लगा। 2008 में दिल्ली समेत जयपुर, अहमदाबाद व 2007 में उत्तर प्रदेश के विभिन्न अदालतों में हुए धमाके को इसी ने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। इन धमाकों में 165 लोगों की जान चली गई थी व 535 लोग गंभीर घायल हो गए थे। बटला हाउस मुठभेड़ के बाद आरिज पर दिल्ली पुलिस, एनआईए व अन्य राज्यों की पुलिस ने 20 लाख रुपए इनाम की घोषणा की थी। साथ ही इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवा दिया गया था।