May 21, 2024

क्या मुकेश अंबानी की टु-डु लिस्ट में अगली बारी क्रिप्टोकरंसी की है? एक रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस जियो इन्फोकॉम खुद की क्रिप्टोकरंसी जियो कॉइन लाने की योजना पर काम कर रहा है। बिजनस न्यूजपेपर मिंट की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 50 सदस्यों का एक दल ब्लॉकचेन टेक्नॉलजी पर काम कर रहा है। यह टीम मुकेश के बड़े बेटे आकाश अंबानी की देखरेख में काम कर रही है। यह रिपोर्ट उस वक्त आई है जब साउथ कोरिया में क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंजों और इन्हें मान्यता देनेवाले बैंकों पर सरकार की कठोर कार्रवाई करने के बाद दुनियाभर में बिटकॉइन की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिण कोरिया में क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंजों पर ताले जड़ने की तैयारी से क्रिप्टोकरंसी की दुनिया में मांग का सबसे बड़ा स्रोत सूख जाने का डर है। गौरतलब है कि दुनियाभर में क्रिप्टोकरंसी की खपत में अकेले 20 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण कोरिया का है। ब्लूमबर्ग के जुटाए आंकड़ों के मुताबिक, बिटकॉइन की कीमत 12 प्रतिशत गिरकर 12,801 डॉलर पर आ गई। बाद में 6 प्रतिशत तक सुधार आया। वहीं, रिपल 14 प्रतिशत जबकि इथेरियम 4 प्रतिशत टूट गई। दरअसल, दुनियाभर की सरकारें डिजिटल करंसीज के बढ़ते दाम से लोगों में इसके प्रति बढ़ती दीवानगी से चौकन्ना हो गई हैं। लोगों से लेकर वॉल स्ट्रीट बैंक्स तक को क्रिप्टोकरंसीज आकर्षित कर रही है। भारत में भी वित्त मंत्री अरुण जेटली और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने भी चेतावनी दे दी है कि लोग बिटकॉइन का लेनदेन अपने रिस्क पर करें। सरकार का कहना है कि देश में बिटकॉइन समेत कोई भी क्रिप्टोकरंसी मान्य मुद्रा नहीं है। वहीं, रिजर्व बैंक ने कई बार कहा कि क्रिप्टोकरंसी बनाना, इसकी ट्रेडिंग करना या पेमेंट में इसका इस्तेमाल करना किसी केंद्रीय बैंक या मौद्रिक प्राधिकरण की ओर से अधिकृत नहीं है। वित्त मंत्रालय ने बिटकॉइन ट्रेडिंग को पोंजी स्कीम जैसा बता दिया। जियो ने डिजिटल करंसी बनाने से जुड़ी खबरों को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए ब्लॉकचेन टेक्नॉलजी का फायदा उठाने की अंबानी की योजना अभी आरंभिक चरण में है।
दुनियाभर में आभासी मुद्रा (क्रिप्टोकरेंसी) के बढ़ते चलन को देखते हुए दिग्गज कंपनी रिलायंस भी इस क्षेत्र में हाथ आजमाने को तैयार है। कंपनी अपनी खुद की क्रिप्टोकरें ‘जियोक्वाइन’ लाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, इसके लिए मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी के नेतृत्व में 50 पेशेवरों की टीम बनाई जा रही है। इस टीम की औसत आयु 25 वर्ष होगी। यह टीम क्रिप्टोकरेंसी के लिए जरूरी ब्लॉकचेन का निर्माण करेगी और उसके तकनीकी पहलुओं पर निगाह रखेगी। इस सप्लाई चेन में शामिल होने वाले‘जियोक्वाइन’ के जरिये खरीद-फरोख्त कर सकेंगे। गौरतलब है कि आभासी मुद्रा को लेकर सरकार और आरबीआई ने पिछले दिनों कई बार चेतावनी जारी की थी। इसमें कहा था कि बिटक्वाइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता नहीं दी गई है और इसमें निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कुछ दिनों पहले कहा था कि यह कानूनी तौर पर मान्य मुद्रा नहीं है और सरकार की ओर से लोगों को किसी तरह की भरपाई नहीं की जायेगी। बिटक्वाइन जैसी आभासी मुद्रा कानूनी रूप से मान्य नहीं है और न सरकार का इसे वैध मुद्रा बनाने का कोई विचार है। आपने क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (BitCoin) और लिटकॉइन (LiteCoin) के बारे में तो खूब सुना होगा. दरअसल ये दोनों ही आभासी मुद्रा हैं, जिन्होंने पिछले दिनों निवेश्कों को जबरदस्त रिटर्न दिया है. हालांकि BitCoin जैसी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर आरबीआई की तरफ से चेतावनी भी जारी की जा चुकी है. अब खबर है कि टेलीकॉम इंडस्ट्री में धमाल मचाने के बाद रिलायंस जियो (Reliance Jio) अपनी क्रिप्टोकरेंसी लाने का प्लान कर रहा है. इस क्रिप्टोकरेंसी का नाम जियो कॉइन (JioCoin) रखा जाएगा. खबर यह भी है कि इस अहम प्रोजेक्ट का नेतृत्व मुकेश अंबानी नहीं बल्कि उनके बेटे आकाश अंबानी करेंगे.
लाइव मिंट में प्रकाशित खबर के अनुसार आकाश अंबानी की अगुआई में 50 पेशेवरों की टीम बनाई जा रही है. इस टीम की औसत आयु 25 वर्ष होगी. हालांकि जब इस खबर को जी न्यूज ने जियो से कन्फर्म करने की कोशिश की तो कंपनी के प्रवक्ता ने इस बारे में कोई भी बयान देने से मना कर दिया.माना जा रहा है कि रिलायंस जियो ने यह फैसला दुनियाभर में क्रिप्टो करेंसी के बढ़ते चलन को देखते हुए किया है. मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश अंबानी के नेतृत्व में बनने वाली टीम क्रिप्टोकरेंसी के लिए जरूरी ब्लॉकचेन का निर्माण करेगी और उसके तकनीकी पहलुओं पर निगाह रखेगी. इस सप्लाई चेन में शामिल होने वाले ‘जियोकॉइन’ के माध्यम से खरीद-फरोख्त कर सकेंगे. पिछले दिनों एक अंग्रेजी अखबार ने दावा किया था कि बच्चन फैमिली ने करीब ढाई साल पहले मई 2015 में बिटकॉइन (Bitcoin) में 1.6 करोड़ रुपए का निवेश किया था. जिसकी कीमत अब 114 करोड़ रुपए हो चुकी है. अखबार का दावा था कि अमिताभ बच्चन ने अपने बेटे अभिषेक बच्चन के साथ मिलकर पर्सनल इनवेस्टमेंट के तहत सिंगापुर की फर्म मेरिडियन टेक पीटीई में 1.6 करोड़ रुपए का निवेश किया था. इस खबर के आने के बाद लोगों का रुझान बिटकॉइन की तरफ बढ़ गया था. दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने भी निवेशकों को बिटकॉइन (Bitcoin) जैसी क्रिप्टो करेंसी के प्रति आगाह किया था. पिछले दिनों राज्यसभा में प्रश्न काल के दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने द्रमुक सदस्य कनिमोझी के एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया था कि वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता में बनी विशेषज्ञ समिति विशिष्ट कार्रवाइयों को सुझाने के लिए क्रिप्टो करेंसी से संबंधित सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रही है.वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि 2013 से 2017 तक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार का रुख बहुत साफ रहा है कि बिटकॉइन जैसी क्रिप्टो करेंसी भारत में वैध मुद्रा नहीं हैं. कनिमोझी ने सवाल पूछा था कि क्या सरकार बिटकॉइन और एथिरियम जैसी क्रिप्टो करेंसियों को विनियमित करने के संबंध में विचार कर रही है. अरुण जेटली ने कहा था कि क्रिप्टो करेंसी का एक पहलू यह है कि उनमें सरकार पर निर्भरता का अभाव है. वित्त मंत्री ने यह भी बताया था कि फिलहाल करीब 785 आभासी मुद्राएं चल रही हैं. आरबीआई ने भी पिछले दिनों चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता नहीं दी गई है और इसमें निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है. साल 2017 के अंतिम दिनों में बिटकॉइन की कीमत ने करीब 13 लाख रुपए का आंकड़ा छू लिया था