February 29, 2024

काले हिरण के शिकार के मामले में जोधपुर की अदालत ने फैसला सुनाते हुए सलमान खान को दोषी करार दिया है। जबकि, इसी मामले में अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। ऐसा बताया जा रहा है कि फैसले से पहले अदालत में सलमान खान ने खुद को बेगुनाह बताया। इस केस में सलमान खान के अलावा सैफ अली खान, तब्बु, नीलम, सोनाली बेंद्रे और एक स्थानीय व्यक्ति आरोपी हैं। सलमान के अलावा सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। फैसले से पहले कोर्ट पहुंचने वालों में सलमान खान सबसे आगे थे। इस दौरान उनकी बहन अलवीरा और अर्पिता भी उनके साथ मौजूद थी। वहीं इसके बाद सैफ अली खान, नीलम और तब्बू कोर्ट पहुंचे। वहीं सोनाली बेंद्रे अपने पति गोल्डी बहल के साथ पहुंची।
सलमान खान की सज़ा पर बहस शुरू हो गई है। सलमान खान के वकील ने कम से कम सज़ा देने की अपील की है। कानून के जानकारों के मुताबिक, तीन साल तक की अगर सज़ा सुनाई जाती है तो सलमान खान को इसी कोर्ट से बेल मिल सकती है। जोधपुर कोर्ट के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री की अदालत में सलमान खान को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत दोषी करार दिया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि इस केस में उन्हें कम से कम एक से लेकर अधिकतम छह साल तक की सज़ा हो सकती है। इससे पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने 1998 में हुई इस घटना के संबंध में 28 मार्च को इस मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुए कहा था कि इसमें फैसला बाद में सुनाया जाए।
मुंबई से जोधपुर रवानगी के दौरान इनमे से किसी ने भी हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कोई बातचीत नहीं की। सलमान खान पर आरोप है कि उन्होंने जोधपुर के निकट कणकणी गांव के भागोडा की ढाणी में दो काले हिरणों का शिकार किया था।
जोधपुर कोर्ट के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात। सैफ अली खान, नीलम और सोनाली के वकील ने बताया कि अगर ये लोग दोषी पाए जाते हैं तो सभी को बराबर सजा हो सकती है। इसमें अधिकतम 6 साल और न्यूनतम 1 साल की सजा हो सुनाई जा सकती है। सलमान खान और अन्य के खिलाफ शिकार के कुल 3 मामले (दो चिंकारा और दो काले हिरण का शिकार) और आर्म्स ऐक्ट का एक मामला दर्ज किया गया था। सलमान को घोड़ा फार्म हाउस और भवाद गांव चिंकारा शिकार केस में हाई कोर्ट ने बरी कर दिया था।
आर्म्स ऐक्ट के केस में भी सलमान पिछले साल बरी हो गए। घटना ‘हम साथ साथ हैं’ फिल्म की शूटिंग के दौरान दो अक्तूबर, 1998 की है। सलमान खान के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून की धारा 51 और अन्यकलाकार वन्यजीव संरक्षण कानून की धारा 51 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 149 (गैरकानूनी जमावड़ा) के तहत आरोपों का सामना कर रहे हैं। सरकारी वकील भवानी सिंह भाटी ने कहा कि उस रात सभी कलाकार जिप्सी कार में थे, सलमान खान वाहन चला रहे थे। हिरणों का झुंड देखने पर उन्होंने गोली चलाई और उनमें से दो हिरण मार दिए थे। उन्होंने कहा, जब लोगों ने उन्हें देखा और उनकी पीछा किया तो ये कलाकर मृत हिरणों को मौके पर छोड़कर भाग खड़े हुए।
अभिनेता सलमान खान ने जनवरी 2017 में जोधुपर की सीजेएम कोर्ट में अपनी गवाही के दौरान खुद को बेकसूर बताया था। उन्होंने कहा था कि मुझे झूठा फंसाया गया है। 15 अक्टूबर 1998 को सलमान खान और उनके साथियों के खिलाफ वन विभाग ने जोधपुर में चार केस दर्ज कराए थे। पहला केस आर्म्स एक्ट के तहत और बाकी के तीन काले हिरण के शिकार के मामले में दर्ज किए गए थे।