February 22, 2024

जयपुर. कांग्रेस को अब पता चल चुका है कि भारत में हिन्दू सोच के साथ ही राज किया जा सकता है। गुजरात चुनाव के दौरान राहुल गांधी के मंदिर दर्शन की पॉलिटिक्स को जनता ने पसंद किया। कांग्रेस अब राजस्थान में इसे और आगे बढ़ाने जा रही है। यहां इसी साल असेंबली इलेक्शन होने वाले हैं। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने राजस्थान और कर्नाटक समेत कई राज्यों की टूरिस्ट और रिलीजियस महत्व वाली जगहों की लिस्ट स्टेट यूनिट से मांगी है। माना जा रहा है कि इसके जरिए कांग्रेस अब हिंदुओं में अपना खोया जनाधार वापस पाने की कोशिश करेगी। राहुल गुजरात चुनाव के दौरान 27 मंदिरों में गए थे। इन इलाकों में रैलियां भी कीं। गुजरात की करीब 87 सीटें मंदिरों से प्रभावित मानी जाती हैं। कांग्रेस को इनमें से 47 पर जीत मिली। राजस्थान कांग्रेस के वाइस प्रेसिडेंट मुमताज मसीह ने कहा- हाईकमान की ओर से धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों की सूचना मंगाई गई है। इसकी सूचना तैयार करके केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी जाएगी।
राजस्थान के बड़े मंदिरों में चित्तौडग़ढ के सांवलियाजी, राजसमंद के चारभुजाजी, नाथद्वारा में श्रीनाथजी, पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर, बांसवाड़ा के त्रिपुरा सुंदरी, करौली में मदनमोहनजी, कैलादेवी, सालासार बालाजी, बीकानेर जिले के जंभेश्वर मंदिर, लक्ष्मीनाथ् मंदिर, कोडमदेसरजी, पूनरासरजी, देशनोक करणी माता, अलवर जिले के भृर्हतरी मंदिर और जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर शामिल हैं। इन मंदिरों पर कांग्रेस नेता फोकस कर सकते है।