April 16, 2024

बीकानेर में हर महिने होता है अरबों का दो नबरी लेन-देन,रक्षा मंत्रालय तक पहुंची शिकायत
प्रवर्तन निदेशालय और पुलिस भी कालेधन के इस कारोबार पर रोकथाम में नाकाम
बीकानेर। हवाला कारोबार का अंतरर्राष्ट्रीय केन्द्र बन चुके बीकानेर में प्रवर्तन निदेशालय और पुलिस भी कालेधन से जुड़े इस कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम है । हालांकि प्रवर्तन निदेशालय और पुलिस अधिकारियों पास बीकानेर में सक्रिय तमाम हवाला कारोबारियेां की कुंडली मौजूद है और इसकी भी पुख्ता जानकारी है कि यहां के हवाला कारोबारियों का नेटवर्क पाकिस्तान,दूबई,बंगलादेश समेत मुंबई,कोलकाता और महानगरों में बैठे राष्ट्रविरोधी तत्वों से जुड़ा हुआ है फिर प्रवर्तन निदेशालय और पुलिस इनकी धरपकड़ कर सलाखों के पीछे पहुंचाने में नाकाम बनी हुई है। राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े इस मामले हवाला कारोबारियों पर शिंकजा कसने में नाकामी से प्रवर्तन निदेशालय और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे है। जानकारी के अनुसार कालेधन के लेन-देन में हवाला कारोबारियों के तार राष्ट्रविरोधी तत्वों के साथ जुड़े होने शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय और रक्षा मंत्रालय तक भ्ी पहुंचने के बाद भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। हवाला कारोबार जगत में बीकानेर के जिन कारोबारियों के नाम सामने आये है उनमें कृषि उपज मंडी के दर्जनभर व्यापारियों के अलावा शहर के वायदा और क्रिकेट बुकी भी शामिल है,जो पिछले लंबे समय से करोड़ो के कालेधन का लेन देन हवाला के जरिये करते है। इससे सरकार को भारी रेवेन्यू का नुकसान होने के साथ दो नंबरी कारोबार को भी बढावा मिल रहा है। पुख्ता खबर है कि दो नंबरी कारोबार का गढ बन चुके बीकानेर में महज नगदी ही नहीं बड़ी तादाद में सोने-चांदी के जेवरात भी हवाला के जरिये आ रहे है। मजे कि बात है कि पिछले दिनों कालेधन की रोकथाम के लिये हवाला कारोबार पर प्रदेशभर में अलर्ट जारी हुआ था,तब बीकानेर में विशेष नजर रखी गई थी और यहां तमाम हवाला कारोबारियों के नाम सामने आ गये लेकिन प्रवर्तन निदेशालय और पुलिस की नाकामी के कारण यहां हवाला कारोबारियों पर कानूनी शिंकजा नहीं कसा जा सका। हवाला कारोबार करने वाले लोग बिचौलिए के माध्यम से रकम इधर से उधर करते हैं, हवाला कारोबारी कोड के जरिए रकम देते और लेते हैं. बाताया जाता है कि एक राज्य से दूसरे राज्यों में रकम भेजने पर एक लाख पर 700 रुपए तक कमीशन हवाला कारोबारी लेते हैं,अगर पैसे विदेश भेजे जाते हैं तो हर देश का रेट अलग-अलग तय होता है।
सुर्खियों में आ चुके है कई नाम
जानकारी में रहे कि नोखा के कुख्यात क्रिकेट बुकी झंवर बंधूओं समेत बीकानेर के अनेक वायदा कारोबारियों के नाम अंडरवल्र्ड डॉन दाउद इब्राहिम के हवाला नेटवर्क से जुड़े होने के कारण सुर्खियों में आ चुके है। अपराध जगत से जुड़े सूत्रों की मानें तो भारत में हवाला कारोबार बड़े पैमाने पर होता है और इसकी कमान दाउद इब्राहिम की कंपनी ने ही संभाल रखी है,यह कंपनी भारत में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के अलावा आंतकी हमलों के लिये करोड़ो रूपये हवाला के जरिये मुहैया कराती है।
आंतकियों और इस्लामिक स्टेट को फंडिग
खुफियां ऐजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस वक्त 40 देशों से इस्लामिक स्टेट को हो रही फंडिग हवाला कारोबार के कारोबार के जरिये ही होती है। इसके अलावा आतंकवादी संगठनों को हथियारों की खरीद के लिये फंडिग का मुख्य जरियां हवाला कारोबार है। पिछले दिनों भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी आगाह किया कहा था कि इस फंडिंग की कमर तोडऩे के लिये हवाला कारोबार पर अंकुश लगाना जरूरी। ऐसे राष्ट्रद्रोही कारोबार के तार बीकानेर सरीखे शांति प्रिय शहर से जुड़ा होना गंभीर मामला है लेकिन सुरक्षा ऐजेंसियां भी इसे गंभीरता से नहीं ले रही।
बड़ी श्रेणी का अपराध
हवाला कारोबार अपराध की बड़ी श्रेणी में आता है लेकिन दो नंबरी कारोबारी इसे सुविधाजनक और आसान तरीका मानते हैं। एक राज्य से दूसरे राज्य तक रकम ले कर जाने में चोरी होने या पकड़े जाने का डर रहता है. लेकिन हवाला के जरिए कमीशन के थोड़े पैसे दे कर पैसे आसानी से पहुंचा दिए जाते हैं। हवाला कारोबार का गढ़ माने जाने वाले बीकानेर का नाम इस मामले में पिछले काफी समय से कुख्यात है। यहां से देश ही नहीं विदेश में भी बड़े पैमाने पर कालाधन इधर-उधर किया जाता है। एक अनुमान के मुताबिक बीकानेर में हर माह 250 करोड़ रुपए का हवाला होता है। यहां 75 फीसदी दो नंबरी कारोबारी अपनी कमाई का खुलासा करने और टैक्स देने से बचने के लिए भी हवाला का सहारा लेते हैं।
यूं होता है हवाला से भुगतान
हवाला में किसी भी नोट के नंबर के आधार पर भुगतान किया जाता है। हवाला कारोबारी किसी नोट के नंबर स्थानीय व्यक्ति को बता देता है। यही नंबर वह दूसरे स्थान पर भुगतान लेने वाले व्यक्ति को बता देता है। यह नंबर बताते ही हवाला कारोबारी रुपए लेने आने वाले व्यक्ति को भुगतान कर देता है। हवाला में प्रति लाख पर निश्चित शुल्क वसूला जाता है। यह शुल्क प्रति लाख पांच सौ रुपए से शुरू होता है, जो राशि और भुगतान करने की दूरी के हिसाब से बढ़ता जाता है।
कल थे कंगले आज करोड़ो के मालिक
जानकारी के अनुसार बीकानेर के हवाला कारोबार जगत में ऐसे कई संदिग्ध लोग शािमल है जो कुछ साल पहले तक कंगलों की श्रेणी में आते थे लेकिन आज करोड़ो के मालिक बने है। इनकी गतिविधियां पूरी तरह संदिग्ध होने के बावजूद भी पुलिस और खुफियां ऐजेसिंया गंभीरता ने नहीं दिखा रही है। करोड़ो रूपये की बेनामी संपति के मालिक बने यह हवाला कारोबारियों के तार अंतरर्राष्ट्रीय हवाला गिरोह से जुड़े ही जानकारी होने के बाद भी पुलिस इन पर अंकुश नहीं लगा रही है।