February 26, 2024

नवंबर महीने में भारतीय अर्थव्यवस्था को दोहरा झटका लगा है। एक तरह जहां सीपीआई आधारित खुदरा महंगाई में जहां इजाफा हुआ है वहीं औद्योगिक विकास दर में गिरावट आई है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक नवंबर महीने में खुदरा महंगाई दर अक्टूबर के 3.58 फीसदी से बढ़कर 4.88 फीसदी हो गई। नवंबर महीने का महंगाई आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 4 फीसदी के मीडियम टर्म टारगेट से अधिक है। वहीं दूसरी तरफ नवंबर में औद्योगिक उत्पादन में गिरावट आई है। अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) दर 2.2 फीसदी रही, जो पिछले महीने में 3.8 फीसदी थी।

बेमौसम बारिश की वजह से खाद्य पदार्थों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है, जिसकी वजह से खुदरा महंगाई में इजाफा हुआ है। महंगाई दर में बढ़ोतरी होने के बाद आरबीआई की तरफ से ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है। गौरतलब है कि इससे पिछली समीक्षा बैठक में आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था, जिसे लेकर उद्योग जगत ने निशाना जाहिर की थी। आरबीआई के ब्याज दरों में बदलाव नहीं किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा था कि यथास्थिति बनाए रखने का आरबीआई का तटस्थ रुख इस सच्चाई पर मुहर है कि महंगाई ‘नियंत्रण में’ बनी हुई है।

वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने मान्यता दी है कि मुद्रास्फीति लगातार नियंत्रण में है और वित्त वर्ष 2018 की दूसरी छमाही के लिए अपनी मुद्रास्फीति अनुमान को बनाए रखा है और यह आकलन किया है कि मुद्रास्फीति बढ़ने का जोखिम समान रूप से संतुलित है। इसी कारण से, समिति ने एक तटस्थ रुख बनाए रखा है।’ बयान में कहा गया है, ‘एमपीसी ने सरकार की कई महत्वपूर्ण पहलों -जीएसटी, बैंक पुनर्पूजीकरण पैकेज और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में सुधार को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2018 के अपने सालाना जीवीए अनुमान को 6.7 फीसदी पर बरकरार रखा है।’ अक्टूबर महीने में भी खाद्य पदार्थो, ईंधन और आवास की कीमतों में वृद्धि से महंगाई में तेजी आई थी। सितंबर में यह आंकड़ा 3.28 फीसदी था।

CPI और IIP आंकड़ों से सेंसेक्स 227 अंक की कमजोरी के साथ 33227 के स्तर पर बंद

दिनभर की सुस्ती के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 227 अंक की कमजोरी के साथ 33227 के स्तर पर और निफ्टी 84 अंक की कमजोरी के साथ 10238 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। नेश्नल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप इंडेक्स में 0.90 फीसद और स्मॉलकैप में 0.96 फीसद की कमजोरी दर्ज की गई है।

सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा बिकवाली रियल्टी शेयर्स में देखने को मिली है। बैंक (1.12 फीसद), ऑटो (0.90 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.95 फीसद), एफएमसीजी (1.40 फीसद), आईटी (0.60 फीसद), मेटल (0.93 फीसद) और फार्मा (0.77 फीसद) की गिरावट देखने को मिली है।

निफ्टी में शुमार दिग्गज शेयर्स की बात करें तो 12 हरे निशान में और 38 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा तेजी ओएनजीसी, डॉ रेड्डी, अदानीपोर्ट्स, गेल और ल्यूपिन के शेयर्स में हुई है। वहीं, गिरावट हिंदपेट्रो, इंफ्राटेल, बीपीसीएल, कोल इंडिया और आईशर मोटर्स के शेयर्स में हुई है।

मंगलवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत देखने को मिल रही है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 80 अंक की कमजोरी के साथ 33375 के स्तर पर और निफ्टी 26 अंक की गिरावट के साथ 10295 के स्तर पर कारोबार कर कर रहा है। नेश्नल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप इंडेक्स में 0.02 फीसद की कमजोरी और स्मॉलकैप में 0.07 फीसद की तेजी देखने को मिल रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिले जुले संकेत देखने को मिल रहे हैं। जापान का निक्केई 0.02 फीसद की तेजी के साथ 22944 के स्तर पर, चीन का शांघाई 0.57 फीसद की कमजोरी के साथ 3303 के स्तर पर, हैंगसैंग 0.62 फीसद की गिरावट के साथ 28786 के स्तर पर और कोरिया का कोस्पी 0.44 फीसद की कमजोरी के साथ 2460 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, बीते सत्र अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ कारेबार कर बंद हुए हैं। प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस 0.23 फीसद की बढ़त के साथ 24386 के रिकॉर्ड हाई पर, एसएंडपी500 0.32 फीसद की बढ़त के साथ 2659 के रिकॉर्ड स्तर पर और नैस्डैक 0.51 फीसद की तेजी के साथ 6875 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो आईटी, मेटल और फार्मा को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा मुनाफावसूली बैंकिंग शेयर्स में देखने को मिल रही है। बैंक (0.57 फीसद), ऑटो (0.03 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.44 फीसद), एफएमसीजी (0.48 फीसद) और रियल्टी (0.26 फीसद) की गिरावट देखने को मिल रही है।

निफ्टी में शुमार दिग्गज शेयर्स की बात करें तो 19 हरे निशान में 30 गिरावट के साथ और एक बिना किसी परिवर्तन के कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी डॉ रेड्डी, ओएनजीसी, गेल, हिंडाल्को और ल्यूपिन के शेयर्स में है। वहीं, गिरावट कोटक बैंक, हिंदपेट्रो, येसबैंक, बजाजफाइनेंस और एसबीआईएन के शेयर्स में है।

मंगलवार के सत्र में भारतीय रुपये में डॉलर के मुकाबले कमजोरी देखने को मिल रही है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये 9 पैसे की कमजोरी के साथ 64.44 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, बीते कारोबारी सत्र में बारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले बढ़त के साथ कारोबार कर 64.37 के स्तर पर बंद हुआ था। यह रुपये का एक हफ्ते का उच्चतम स्तर था।