February 26, 2024

मरीजों को भेजा घर, वार्ड हुए खाली
ओपीडी में मरीजों की संख्या हुई ४० फीसदी
बीकानेर।
सरकार व चिकित्सकों के बीच पिछले कुछ समय विभिन्न मांगों को लेकर चल रही खींचातान का खामियाजा प्रदेशभर के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। चिकित्सकों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के चलते सभी अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। ्रईलाज के लिए दूर-दराज से आने वाले मरीजों को उपचार के लिए घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है। जानकारी में रहे कि अखिल राजस्थान सेवारथ चिकित्सक संघ के आह्वान पर सोमवार से हुई चिकित्सकों की हड़ताल आज छठे दिन भी जारी रही। सरकारी चिकित्सकों के हड़ताल पर चले जाने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। हड़ताल को लेकर सेवारत एवं रेजीडेंट चिकित्सकों गैरमौजूदगी में प्रोफेसर स्तर के सीनियर डॉक्टरों द्वारा कमान संभालते हुए मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है। अस्पतालों में बिगड़ती परिस्थितियों को देखते हुए मरीजों का रूझान भी अब सरकारी अस्पतालों से निजी अस्पतालों की ओर होने लगा है। जिससे सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में कमी आई है।
वार्ड हुए खाली
संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में हर समय वार्डों में रेलवे के आरक्षण के मुताबिक वेटिंग रहने के बजाय हड़ताल के चलते पलंग खाली नजर आ रहे है। हड़ताल के कारण मरीजों को समय पर ईलाज नहीं मिल पा रहा है। जिसके मरीजों को धीरे-धीरे छुट्टी दे दी जा रही है। जिससे वार्ड विरान नजर आ रहे है।
ओपीडी में मरीजों की संख्या में कमी
हर समय फुल रहने वाले ओपीडी में भी मरीजों की संख्या में कमी आई है। हड़ताल के कारण पहले एक या दो दिन तक मरीजों की संख्या ठीक रही लेकिन जैसे-जैसे हड़ताल बढ़ती जा रही है। उसी प्रकार सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भी कमी आई है।
बिना ईलाज के लौटते मरीज
उपचार की आश में सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आये मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण अब निजी चिकित्सालयों की ओर रूझान बढ़ रहा है।
लम्बी ड्यूटी से परेशान सीनियर डॉक्टर
हड़ताल के चलते सीनियर डॉक्टरों को लम्बे समय तक अस्पतालों में ड्यूटी देनी पड़ रही है। जिससे उन्हें भी अब परेशानियों झेलनी पड़ रही है।
इनका कहना है
चिकित्सकों की हड़ताल के ६ दिन बीत चुके है अब स्थिति संभालने के लिए किसी एंजेसी या आर्मी चिकित्सकों की मदद लेनी होगी। हालांकि रूटीन इलाज में काफी परेशानियों हो रही लेकिन आपातकालीन के लिए सीनियर चिकित्सकों की देखरेख में उपचार किया जा रहा है।
आर.पी. अग्रवाल
प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज