May 26, 2024

चुनाव से पहले ही इन दो सीटों पर ज़बरदस्त ‘बवाल’, भारी पड़ रहा ‘डैमेज कंट्रोल’

जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भाजपा ने जिन 41 सीटों में से 7 सीटों पर सांसद उतारे हैं, उनमें से लगभग सभी में ज़बरदस्त बवाल मचा हुआ है। इनमें से भी दो सीट तो ऐसी हैं जहां पार्टी ने ‘डैमेज कंट्रोल’ को लेकर अपनी पूरी ताकत झोंकी हुई है। ये दोनों सीट जयपुर की हैं, जिनमें से एक है विद्याधर नगर और दूसरी है झोटवाड़ा। विद्याधर नगर से जहां सांसद दिया कुमारी को उतारा गया है, तो वहीं झोटवाड़ा से जयपुर ग्रामीण सांसद राज्यवर्धन सिंह पर दांव खेला गया है।

इधर सांसदों को टिकट थमाए जाने और टिकट काटने से इन क्षेत्रों के ‘दिग्गज’ नेता नाराज़ हैं। विद्याधर नगर से जहां पूर्व मंत्री नरपत सिंह राजवी खफा हैं तो झोटवाड़ा से पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत मोर्चा खोले बैठे हैं। ये दोनों नेता अपने-अपने इलाके में खासा प्रभुत्व रखते हैं। ऐसे में इन्हें दरकिनार करना पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।

राजवी को अरुण सिंह का ‘ऑफर’

विद्याधर नगर से टिकट काटने से नाराज़ नरपत सिंह राजवी को मनाने के लिए आलाकमान के आदेश पर भाजपा प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह को जयपुर पहुंचना पड़ा। उन्होंने बुधवार को राजवी से उनके आवास पर करीब 45 मिनट तक बात की। सिंह ने नाराजगी की वजह जानी और उन्हें टिकट देने के मामले में केन्द्रीय नेतृत्व से बात करने का भरोसा दिलाया।

चर्चा है कि राजवी या उनके पुत्र को चित्तौड़गढ़ या बीकानेर से टिकट मिल सकता है। बीकानेर राजवी की जन्मस्थली है, तो वहीं चित्तौड़गढ़ को राजपूत वोट बैंक सहित कुछ अन्य कारणों के लिहाज़ से सुरक्षित माना जा रहा है।

मुझे भैरोंसिंह लेकर आये: राजपाल
झोटवाड़ा से टिकट कटने के बाद से पूर्व मंत्री राजपाल शेखावत अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बना चुके हैं। वे दावा करते हुए कह रहे हैं कि झोटवाड़ा जब नई विधानसभा बनी, तो चार से ज्यादा विधानसभा का हिस्सा टूट कर बनी। फंसी हुई सीट थी। उससे भी लगातार दो बार जीत दर्ज की है। मैं अपनी मर्जी से राजनीति में नहीं आया था। दिवंगत भैरोंसिंह शेखावत 1990 में मुझे राजनीति में लाए और बनीपार्क विस सीट से टिकट दिया। मैंने जब इस सीट से चुनाव लड़ा था, उससे पहले कभी भाजपा जीती नहीं थी। उस सीट से जीत दर्ज की। झोटवाड़ा भी बनीपार्क जैसी कठिन सीट है। वहां से भी मैंने ही चुनाव लड़ा और दो बार जीत दर्ज की। इसलिए मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है। यह बात करना ही गलत है।