April 23, 2024

दोस्त ने दिया पानी की डिग्गी में धक्का, मौत, पिता बोले- परिजनों से शिकायत की तो जान से मारने की धमकी दी

अनूपगढ। दोस्तों के साथ खेलने गए मासूम को उसके साथी ने ही डिग्गी में धक्का दे दिया। 12 साल के मासूम के पिता ने अनूपगढ़ थाने में रिपोर्ट दी है। दरअसल अनूपगढ़ जिले के गांव 87 जीबी में 30 मार्च 2024 को एक 12 साल के बच्चे की खेत में बनी डिग्गी में डूब जाने के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन बिना पुलिस की कार्रवाई के बच्चे का शव लेकर चले गए।

2 अप्रैल को जगदीश (38) पुत्र मूलचंद एसपी रमेश मौर्य के सामने पेश हुए और अपने बेटे मनोज (12) की हत्या का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई। एसपी रमेश मौर्य ने अनूपगढ़ पुलिस थाने के एसएचओ अनिल कुमार को इस मामले में जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए। मृतक के माता-पिता मूलतः यूपी के निवासी हैं और वह गांव 87 जीबी में एक ईंट भट्टे पर मजदूरी का कार्य करते हैं।

30 मार्च को हुई थी मासूम की मौत
एसएचओ अनूपगढ़ अनिल कुमार ने बताया कि मृतक मनोज के पिता जगदीश (38) पुत्र मूलचंद निवासी खरका (यूपी) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि वह अपनी पत्नी और 5 बच्चों के साथ गांव 87 जीबी में स्थित एक ईंट भट्टे पर मजदूरी का काम करता है। 30 मार्च को ईंट भट्टे पर ही काम करने वाला 14 वर्षीय नाबालिक लड़का उसके तीसरे नम्बर के बेटे मनोज (12) और एक अन्य 12 वर्षीय लड़के को सुबह लगभग 11 बजे खेलने के लिए ले गया। जगदीश ने बताया कि जिस समय मनोज खेलने के लिए गया, परिवार के सभी सदस्य घर पर ही थे।

पुलिस कार्रवाई के बिना ही कर दिया था अंतिम संस्कार
दोपहर लगभग 1:30 बजे तक मनोज लौटकर नहीं आया तो उसे 14 वर्षीय नाबालिग से जब पूछा गया तो उसने बताया कि मनोज पास के ही खेत में बनी डिग्गी में डूब गया है। यह सुनते ही वह अन्य मजदूरों के साथ डिग्गी के पास पहुंचा और मनोज को डिग्गी से बाहर निकाल कर अनूपगढ़ के सरकारी हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टर ने मनोज को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि परिवार के द्वारा पुलिस कार्रवाई के बिना ही मनोज के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

तीसरे लड़के ने बताई सच्चाई
मनोज के पिता जगदीश से बताया कि मनोज के साथ जो तीसरा 12 वर्षीय लड़का खेलने गया था, जब उस घटना के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि 14 वर्ष से नाबालिक ने मनोज को डिग्गी में धक्का दे दिया था। जब अन्य मजदूरों के साथ वह उसके परिवार को इस मामले पर शिकायत करने गया तो 14 वर्षीय नाबालिग लड़के के माता-पिता ने उसे भी जान से मारने की धमकी दी।

परिवाद के आधार पर मामले की होगी जांच
अनूपगढ़ पुलिस थाने के एसएचओ अनिल कुमार ने बताया कि जिस दिन ये घटना हुई उस दिन पुलिस के द्वारा मृतक के परिजनों को कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहा गया था। मगर परिजनों ने कानूनी कार्रवाई करवाने के लिए मना कर दिया। एसएचओ ने बताया कि अब उन्हें परिवाद मिला है, परिवाद के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।