March 5, 2024

बीकानेर। पंचायती राज के चुनाव में प्रत्याशी बनने के लिए फर्जी टीसी बनवाने के बहुत से मामले उजागर हो चुके हैं। लेकिन इस बात से शिक्षा विभाग के अधिकारी अनभिज्ञ बने हुए है कि बीकानेर में लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए फर्जी अंकतालिका और टीसी लगा रहे हैं। पंचायती राज के चुनाव में सरपंच पद के प्रत्याशियों ने जिले में खूब फर्जी टीसी बनवाकर लगाई। जिले में सैंकड़ो प्रत्याशियों के खिलाफ शिकायतें आई थी। इन शिकायतों का दौर अभी तक थमा नहीं है जिनके मामले में न्यायालय में विचाराधीन हैं। अब शिक्षा विभाग के सामने फर्जी टीसी व अंकतालिका से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के मामले सामने आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार प्रादेशिक परिवहन विभाग अधिकारियों ने शिक्षा विभाग को ऐसी कई अंकतालिकाएं और टीसी भेजी हैं जो आठवीं पास की हैं। इन टीसी पर गैर सरकारी स्कूलों के संस्था प्रधानों के साथ जिला शिक्षा अधिकारी के भी हस्ताक्षर हैं। शिक्षा विभाग की प्रारम्भिक जांच में यह टीसी फर्जी प्रतीत हो रही हैं। इन पर जिन शिक्षा अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं, मजे कि बात तो यह है कि शिक्षा अधिकारियों ने अपने हस्ताक्षर होने से इनकार किया है। फर्जीवाड़े का यह बड़ा मामला होने के बावजूद इस मामले में शिक्षा विभाग ने अभी तक जांच कमेटी का गठन नहीं किया है। शिक्षा विभाग इसके लिए स्कूल प्रधानाचार्यों की एक जांच कमेटी का गठन करेगा। सूत्रों की मानें तो आरटीओ में ऐसी अंकतालिका बनाने वाले वही स्कूल हैं जिन्होंने पंचायती राज के चुनाव में फर्जी अंकतालिका बनाई थी। परिवहन विभाग ने जिन लोगों के प्रमाण पत्रों की जांच करवाने के लिए भेजा है। जानकारी में रहे कि परिवहन विभाग की ओर से व्यावसायिक वाहनों को चलाने के लिए आठवीं पास होना आवश्यक है जबकि अन्य प्रकार के वाहन चलाने के लिए किसी प्रकार की शैक्षिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है। इसके चलते लोग व्यावसायिक वाहनों के चलाने का लाइसेंस बनवाते समय फर्जी टीसी बनवाते हैं। परिवहन विभाग संदेहास्पद टीसी होने पर ही उनकी जांच करवाता है।