February 22, 2024

बीकानेर। बैंक खाते में मिलने वाली रसोई गैस सब्सिडी का पैसा धीरे-धीरे कम होते हुए पूरी तरह बंद हो जाएगा। क्योंकि औसतन हर महीने चार रुपए सब्सिडी कम हो रही है, जबकि रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में चार महीने से लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जानकारी के मुताबिक जिलेभर के रसोई गैस उपभोक्ताओं के खाते में हर महीने 13 लाख रुपए की सब्सिडी कम पहुंच रही है। नवंबर की तुलना दिसंबर में रसोई सिलेंडर पांच रुपए बढ़ोतरी के साथ कीमत 751 रुपए पहुंच गई। उपभोक्ताओं को इस बार साल में सबसे महंगा सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। सबसे कम पैसा अगस्त महीने में 529 रुपए प्रति सिलेंडर के देने पड़ रहे थे। जानकारी में रहे कि रसोई गैस सब्सिडी में गड़बड़ी रोकने के लिए सरकार ने 2015 में डीबीटीएल योजना शुरू की गई थी। सब्सिडी का पैसा बैंक खातों के जरिए ऑनलाइन किया गया। इसके बाद से ही सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि कम से कम सब्सिडी दी जाए। इसके लिये सरकार ने विशेष अभियान चलाकर लोगों को सब्सिडी छोडऩे के लिए प्रोत्साहित किया। उसके बाद कई लोगों ने सब्सिडी छोड़ी। वहीं सामान्य परिवारों के खाते में भी सब्सिडी के पैसे में कटौती शुरू कर दी गई। हर महीने दो से चार रुपए सब्सिडी कम होने लगी। हालांकि राजनीतिक दबाव के बीच एक दो दफा सब्सिडी में कटौती को रोका भी गया, लेकिन अगले महीने ज्यादा कटौती कर ली गई।
लगातार कम हो रही सब्सिडी
रसोई गैस सिलेण्डरों के कीमतों की बढ़ोतरी और बैंक खातों में हुई सब्सिडी के आंकड़े पर गौर करें तो सामने आता है कि छह महीने के दौरान एक उपभोक्ता को 52.63 रुपए कम सब्सिडी मिली। सबसे कम 31.19 रुपए सब्सिडी जुलाई में मिली। जुलाई में सिलेंडर की कीमत में 13 रुपए बढ़े थे। जून से नवंबर के बीच औसतन हर महीने आठ रुपए सब्सिडी कम होती गई। सूत्रों के मुताबिक रसोई गैस सब्सिडी धीरे-धीरे कम करने के पीछे बड़ा करण इसे पूरी तरह खत्म करना है। इसलिए उपभोक्ताओं से पहले पूरी कीमत वसूल की जा रही है और सब्सिडी का पैसा बाद में खाते में जमा किया जा रहा है। नई व्यवस्था के बाद से उपभोक्ताओं को बाजार कीमत का पैसा चुकाने की आदत हुई, ताकि सब्सिडी खत्म होने पर ज्यादा विवाद ना हो।