February 22, 2024

गहलोत का पहला तीर चूका, दूसरा निशाने पर लगा : स्टूडेंट्स से बोले- अंग्रेजी की वजह से मैंने चप्पल खाई, सोचते थे कहां काम आएगी

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को राजस्थान यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां डिजिटल लाइब्रेरी, तीरंदाजी ग्राउंड और भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने तीरंदाजी की। इस दौरान उनका पहला तीर तो चूक गया, लेकिन दूसरा निशाने पर लगा। इसका जिक्र उन्होंने अपने संबोधन में भी किया। वहीं, इस दौरान उन्होंने अंग्रेजी पर बात करते हुए कहा- स्कूल के वक्त अंग्रेजी की वजह से मेरी चप्पल से पिटाई भी हुई। लेकिन 40 साल में हालात पूरी तरह बदल गए हैं। आज अंग्रेजी बेहद जरूरी हो गई है। यही कारण है कि हमने गांव गांव में इंग्लिश मीडियम स्कूल खुले हैं। ताकि राजस्थान का हर बच्चा इंग्लिश सीख सके।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- राजस्थान यूनिवर्सिटी में अच्छा तीरंदाजी ग्राउंड बन गया है। वहा आज बच्चों ने मुझसे भी प्रैक्टिस करवाई। जहां तीर निशाने पर चल गया। यह सुखद संयोग है कि तीर सीधा निशाने पर लगा है। एक बार मैं फेल हो गया था। लेकिन दूसरी बार में निशाने पर लग गया।
इस दौरान राजस्थान यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट निर्मल को बधाई देते हुए CM ने कहा कि मैंने अपने जीवन के शुरुआती 3 चुनाव में हार देखी थी। लेकिन आपको पहले चुनाव नहीं जीत मिली है।

निर्मल लक्की वह जीते, मैं तो 3 बार हारा
राजस्थान यूनिवर्सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहां की निर्मल चौधरी लक्की है। वह छात्रसंघ चुनाव में कामयाब हुए। लेकिन मेरी कहानी अलग है। मैंने भी 8th क्लास में पहला चुनाव लड़ा था। इसमें 4 वोट से मुझे हार मिली। इसके बाद यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा। इसमें मुझे लगभग 400 वोट से हार मिली। इसके बाद तीसरा चुनाव मैंने विधायक बनने के लिए लड़ा। लेकिन उसने भी मैं 4000 वोटों से हार गया।
शुरुआती जीवन में लगातार मुझे तीन बार हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद 1980 में में MP (लोकसभा सांसद) बना और तब से आज तक मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, AICC का महासचिव और तीन बार राजस्थान का मुख्यमंत्री बन चुका है। निर्मल चौधरी पता नहीं क्या सपने देखे क्या बनेगा।

बचपन से अंग्रेजी के खिलाफ था, स्कूल टाइम में चप्पल भी खाई
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- मैं बचपन से ही अंग्रेजी के खिलाफ था। स्कूल टाइम पर सोचते थे कि अंग्रेजी और संस्कृत हमारे क्या काम आएगी और चप्पल खाते थे। उस वक्त दक्षिण के अलावा सभी हिंदी राज्यों में अंग्रेजी का विरोध था। लेकिन पिछले 40 सालों मैं समझ गया हूं की अंग्रेजी इंटरनेशनल भाषा है। इसीलिए हिंदी के साथ इंग्लिश सीखना भी जरूरी है। इसी सोच के साथ हमने राजस्थान के गांव-गांव में इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले हैं। जहां पढ़कर अब गांव ढाणी के बच्चे भी फ्लूएंट इंग्लिश बोल रहे हैं।

इन्वेस्टमेंट राजस्थान के आधे MOU पूरे हो जाए, तो बड़ी बात
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि पिछले दिनों राजस्थान में इन्वेस्टमेंट राजस्थान सबमिट का आयोजन किया गया। जिसमें 11 लाख करोड़ों रुपए के MOU हुए है। जिसके तहत 10 लाख लोगों तक रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन इसमें से आधे MOU भी पूरे हो जाए तो बड़ी बात है। क्योंकि इन्वेस्टमेंट सबमिट अब देश के हर राज्य में आयोजित होती है। जहां सिर्फ 30 से 40% MOU ही पूरे हो पाते हैं। ऐसे में हमारा लक्ष्य है, कि राजस्थान में कम से कम 50% MOU पूरे हो।

पेपर लीक करने वालों को नहीं छोड़ेंगे
अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में पिछले दिनों वनरक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। लेकिन हमने कुछ ही घंटों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। राजस्थान देश का ऐसा पहला राज्य है। जहां पेपर लीक करने वालों को भी जेल भेजा जा रहा है। इससे पहले आर्मी, कोर्ट और दूसरी भर्तियों के पेपर भी आउट हो गए हैं। देशभर में पेपर लीक की गैंग बनी हुई है। लेकिन राजस्थान में किसी को नहीं बख्शेंगे, सबको जेल भेज देंगे।

नॉलेज ही पावर है, और हर हाथ में नॉलेज है
सीएम गहलोत ने कहा कि आज आज दुनिया पूरी तरह बदल गई है। आज नॉलेज ही पावर है। पिछले कुछ सालों मे हर हाथ में मोबाइल आ गया है। जिससे हर इंसान की मुट्ठी में नॉलेज है। दुनिया में मोबाइल क्रांति चल रही है। लेकिन ऐसा भी नहीं होना चाहिए कि 5 दोस्त बैठे हैं। सभी आपस में बात करने की जगह मोबाइल में ही लगे हुए हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए।

उद्घाटन का इंतजार मत करो छात्रों को पानी पिलाओ
राजस्थान यूनिवर्सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इससे पहले जब मैं यूनिवर्सिटी आया था। तब बीसलपुर का पानी यूनिवर्सिटी लाने की मांग की गई थी। यह प्रोजेक्ट अब पूरा हो गया है। ऐसे में इसके उद्घाटन का इंतजार मत करो VC साहब और बच्चों को पानी पिलाओ। उद्घाटन के लिए पानी को मत रोको, जो सुविधा मिली है। उसे जल्द शुरू करो।

निर्मल बोले – OBC आरक्षण विसंगति दूर करें
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी ने कहा कि राजस्थान में ओबीसी आरक्षण विसंगति का जल्द से जल्द इसका समाधान किया जाना चाहिए। ताकि प्रदेशभर के लाखों युवाओं को राहत मिल सके। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से हर साल बढ़ने वाली यूनिवर्सिटी की फीस में भी राहत देने की मांग की।

4 शिक्षा मंत्री और 5 कुलपति बदले
राजस्थान यूनिवर्सिटी में बनकर तैयार हुई लाइब्रेरी का 7 जुलाई 2016 को भाजपा सरकार में तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ और कुलपति जेपी सिंघल ने शिलान्यास किया था। लाइब्रेरी भवन का काम शुरू होने के बाद कालीचरण सराफ, किरण माहेश्वरी, भंवर सिंह भाटी के बाद अब राजेंद्र यादव चौथे उच्च शिक्षा मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं।
वहीं, यूनिवर्सिटी में जेपी सिंघल, राजेश्वर सिंह, प्रो. आरके कोठारी, प्रो. जेपी यादव के बाद प्रो. राजीव जैन पांचवें कुलपति के रूप में काम कर रहे हैं। ऐसे में 6 साल के लम्बे इंतजार के बाद स्टूडेंट्स जयपुर की सबसे अत्याधुनिक लाइब्रेरी में बैठ पढ़ाई करेंगे।