May 27, 2024

हर समय बना रहता हादसे का खतरा
सरकारी विभागों के पेच में फसी प्रस्ताव फाइल
बीकानेर।
सरकारी जमीन व संपत्ति पर सरकारी नुमाइंदों की अनदेखी इस कदर हावी हो चुकी है जिससे अवैध अतिक्रमण को बढ़ावा मिल रहा है। जिसका परिणाम है कि पुलिस लाइन चौराहा से लालगढ़ रेलवे स्टेशन को जोडऩे वाली अमरसिंहपुरा की सड़क के दोनों बने एक दर्जन सरकारी क्वाटरों क्षतिग्रस्त अवस्था में बिखरते चले जा रहे है। वहीं इसके साथ-साथ इन क्वाटरों पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। जानकारी में रहे कि अमरसिंहपुरा क्षेत्र में बने सरकारी क्वाटरों पर अनदेखी के कारण जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुके है। जिससे दुरुस्तीकरण के अभाव के चलते इन क्वाटरों की दीवारें, छत्त एवं खिड़कियों तक टूटने लगी है। वहीं सरकार की ओर से करोड़ों की लागत से बनाए गए क्वाटरों पर भूमाफियों की पैनी नजर है। शहर के बीचों-बीच बने इन क्वाटरों पर अनदेखी के कारण करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
हालांकि इन क्वार्टरों के दुरुस्तीकरण के लिए सावर्जनिक निर्माण विभाग की ओर से वर्ष 2008 में इन क्वाटरों को ध्वस्त कर नीलामी व नए सिरे से क्वाटर बनवाने के लिए प्रस्ताव बनाकर फाइल सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) को भिजवाई गई थी। इस पर लम्बा समय बीत जाने के बावजूद भी इस फाइल पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से जीएडी के अधीन होने की बात कही जा रही है।
सरकारी धन की हानि
अमरसिंहपुरा क्षेत्र स्थित बने इन सरकारी क्वाटरों के दुरुस्तीकरण एवं रखरखाव में बरती गई लापरवाही के कारण क्वाटरों की हालत बदहाल स्थिति में है। हालात ये है कि इन क्वाटरों पर सरकारी खर्च से लगे दरवाजे, खिड़कियां, पट्टियां व लोहे की एंगल आदि सामान धीरे-धीरे गायब हो चुके है। जल्द ही जिला प्रशासन व विभाग नहीं चेता तो शेष रहे क्वार्टरों का मलबा भी आसपास के लोग ले जाएंगे और सरकार व विभाग को बाद में हाथ आएगा तो ठेंगा।
कचरा संग्रहण बने क्वाटर
जहां एक ओर सरकार स्वच्छ भारत अभियान के तहत साफ-सफाई व स्वच्छता पर जोर दे रही है। दूसरी ओर अमरसिंहपुरा में बने सरकारी क्वाटर पूरी तरह से कचरा पात्र बन चुके है। आसपास के क्षेत्रवासियों द्वारा खाली व विरान पड़े इन क्वाटरों में घरों की गंदगी एवं कचरे को धड़ल्ले से फेंका जा रहा है। जिससे इन क्वाटरों में गंदगी के ढेर लग चुके है।
जर्जर अवस्था में है क्वाटर
जर्जर व क्षतिग्रस्त क्वाटरों को नकारा घोषित करने के बावजूद इनमें रहना खतरे से कम खाली नहीं है। इनके गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद विभाग ने इन क्वाटरों को सरकारी कार्मिकों को आवंटित कर रखा है। जानकारी के मुताबिक एक लाल क्वार्टर में पशु चिकित्सालय है तथा दूसरे में एक अन्य कार्मिक का परिवार रहता है। इसी प्रकार ठीक इनके सामने दो पीले क्वाटरों में भी सरकारी कार्मिक रहते है। जबकि इनके आगे के दो क्वार्टर अतिक्रमण के चलते दिखलाई तक नहीं देते।
अतिक्रमण को बढ़ावा
किराया वसूली और क्वार्टर आवंटन की जितनी चिंता विभागों को है। उतनी सरकारी क्वार्टरों तथा इसकी करोड़ों की जमीन के प्रति नहीं है। जिसका फायदा भू-माफियाओं को मिल रहा है। स्थाई रूप से कोई एक विभाग इसके प्रति जि मेवार नहीं होने की वजह से धीरे-धीरे मु य मार्ग की जमीन अतिक्रमण की जद में सिमटने लगी है। कई क्वार्टर के आगे की जमीन पर चारदीवारी तक बन गई है। समय रहते यदि सुध नहीं ली गई तो शेष जमीन पर भी अतिक्रमण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इनका कहना है
इन क्वाटरों के लिए पूर्व में भी जीएडी विभाग को प्रस्ताव बनाकर फाइल भिजवाई गई लेकिन इस पर कोई जवाब नहीं आया है। अमरसिंहपुरा क्षेत्र में बने इन क्वाटरों की बिगड़ती दुर्दशा को देखते हुए पुन: जीएडी विभाग को फाइल त्वरित ही भिजवाई जाएगी।
पंकज यादव
अधिशाषी अभियंता