February 22, 2024

(जी.एन.एस.)
गुजरात चुनाव के आखिरी चरण के मतदान के तुरंत बाद राष्ट्रीय समाचार एजेंसी गुजराती न्यूज़ सर्विस (जीएनएस) और गुजरात के लघु और मध्यम (S&MNP) अखबारों द्वारा किए गए संयुक्त एक्जिट पोल के सर्वेक्षण में 22 साल से शासन कर रही भारतीय जनता पार्टी को तगड़ा झटका लगने की उम्मीद है। जबकि जीएनएस और गुजरात के लघु एवं मध्यम अखबारों द्वारा किए गए एक्जिट पोल में कांग्रेस सत्ता के करीब आते नज़र दिख रही है।
हम आपको बता दें कि यह एक्जिट पोल जीएनएस और गुजरात के जिला स्तर के अखबारों के संपादक और मतदान के समय फील्ड में रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों द्वारा किए गये विश्लेषण के आधार पर तैयार किया गया है। गुजरात के लघु और मध्यम समाचार पत्रों और GNS के S&MNP और GNS के एकजिट पोल के मुताबिक बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी के लिए यह खबर चिंतित करने वाली है। गुजरात में भाजपा को 22 साल बाद सत्ता गवां सकती है, कांग्रेस को 47 जबकी भाजपा को 41 फीसदी वोट मिलने के आसार हैं जबकि अन्य के खाते में 12 फीसदी वोट जाने के आसार हैं।
सर्वे के मुताबिक 182 सदस्यों वाले गुजरात विधानसभा में कांग्रेस को कुल 94 से 98 सीटें मिलने की उम्मीद है जबकि भाजपा की झोली में 78 से 84 सीटें जाती दिख रही हैं। अन्य के खाते में 4 से 6 सीट जाती दिख रही हैं। कांग्रेस को लगभग 95, भाजपा को 82 और अन्य को 5 सीटें मिलती दिख रही हैं। इस तरह कांग्रेस मामूली बहुमत से गुजरात में सरकार बनाती दिख रही है।
सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक सुधारों से गुजरात के व्यापारी खुश नहीं हैं। सर्वे में लोगों ने कहा गया है कि जीएसटी और नोटबंदी से गुजरात के व्यापारी नाराज हैं और अधिकांश व्यापारी कांग्रेस के साथ चले गए हैं। जीएसटी दरों में बदलाव से भी व्यापारी खुश नहीं हुए। पिछले सर्वे के मुकाबले बीजेपी को वोट करने वाले व्यापारियों की संख्या में तीन फीसदी की गिरावट हुई है, जबकि कांग्रेस को इस मामले में चार फीसदी का फायदा होता दिख रहा है।
S&MNP और GNS के सर्वे से मिली जानकारी के मुताबिक पहले चरण में पाटीदार समाज से प्रभावित सौराष्ट्र-कच्छ और सूरत समेत दक्षिण गुजरात के पाटीदार आंदोलन के कन्वीनर हार्दिक पटेल ने अपनी जनसभाए करके भाजपा के विरोध में मतदान करने की अपील के चलते यहां पर भाजपा को 89 में से केवल 42 सीट ही मिलने के आसार हैं। जब की यहां पर कांग्रेस को 45 से ज्यादा सीटों का अनुमान है। आज 14 तारिख को हुए दूसरे चरण के मतदान में उत्तर और मध्य गुजरात के अहमदाबाद गांधीनगर जैसे शहरी विस्तार समेत सभी जगह भाजपा को सीटों का नुकसान हो सकता है उसी वजह से यहां भी 93 सीटो में से भाजपा को 43 सीटे मिलने का जबकी कांग्रेस को 50 सीटों का अनुमान लगाया जा सकता है।
गुजरात के इस चुनाव में 57 फीसदी मतदाता भाजपा सरकार के विरोध में दिखाई दिए जबकी केवल 15 फीसदी समर्थन में थे। सवर्ण समाज भी भाजपा से नाराज होने की वजह से ज्यादातर सवर्ण मतदान करने नहीं गए, और हिन्दुत्व का मुद्दा भी न चलने की वजह से आदिवासी वोटरों का भी झुकाव कांग्रेस के साथ दिख रहा है। बीजेपी से 18 फीसदी ज्यादा आदिवासी वोट बैंक भी कांग्रेस के साथ जाता दिख रहा है। दलित वोट बैंक कांग्रेस के साथ जाता दिख रहा है। बीजेपी से 18 फीसदी ज्यादा दलित वोट बैंक कांग्रेस के साथ जाता दिख रहा है। हार्दिक पटेल के अनामत आंदोलन के चलते 5 फीसदी से ज्यादा पाटीदार समाज का झुकाव कांग्रेस के साथ होता दिख रहा है। 44 फीसदी से ज्यादा व्यापारियों ने कांग्रेस को जबकी 36 फीसदी व्यापारियों ने बीजेपी को वोट करने का अनुंमान है।
हम आपको बता दें कि गुजरात विधान सभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 9 दिसंबर को हुई थी। जबकि दूसरे चरण में 14 दिसंबर को वोट डाले गए। 18 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के साथ ही गुजरात चुनावों के नतीजे आएंगे। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव जीतने के लिए अपनी-अपनी ताकत झोंक रखी थी। बीजेपी के लिए यह चुनाव नाक की लड़ाई बनी हुई है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह गुजरात से ही आते हैं। अलबत्ता इन दोनों नेताओं का तूफानी चुनावी दौरा और चुनावी सभाएं गुजरात में हुई। उधर, कांग्रेस के नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी नए तेवर और नए अंदाज में गुजरातियों को लुभाने के लिए जी-तोड़ मेहनत किए।
182 सदस्यों वाले गुजरात विधानसभा का यह चौदहवां चुनाव है। फिलहाल 115 सदस्यों के साथ भारतीय जनता पार्टी गुजरात विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है। दूसरे नंबर पर कांग्रेस है लेकिन पिछले दिनों उसके कई विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। हालांकि, पिछले तीन चुनावों में कांग्रेस की सीटों में इजाफा हुआ है जबकि भाजपा की सीटों में कमी होती गई है। इस बार के चुनाव की एक खासियत यह भी रही है कि चुनाव आयोग पहली बार सभी बूथों पर वीवीपीएटी लगे ईवीएम से चुनाव कराया है। गुजरात में 22 साल से बीजेपी की सरकार है। एक्जिट पोल के सर्वेक्षण में इस बार भाजपा सत्ता से दूर नज़र आ रही है। चुनाव आयोग पहली बार सभी बूथों पर वीवीपीएटी लगे ईवीएम से चुनाव कराएगी। गुजरात में 22 साल से बीजेपी की सरकार है।