April 15, 2024

दिल्ली। हनुमानजी दलित थे… यूपी के सीएम योगी के इस बयान के बाद आगरा में हनुमानजी के एक प्राचीन मंदिर पर दलितों ने कब्जा कर लिया है। वहां हनुमान चालीसा पढ़ी गई। पूजा-पाठ हुआ। साथ ही चेतावनी दी गई कि अब जब ये साफ हो गया है कि हनुमानजी दलित थे तो उनके मंदिरों की जिम्मेदारी हमारी है। वहीं ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा ने ये कहते हुए सीएम योगी को नोटिस भेजने की बात कही है कि हनुमानजी वानर थे और दलितों की तुलना हनुमानजी से की जा रही है।

ये दलितों का अपमान है। आगरा के लंगड़ी की चौकी इलाके में हनुमानजी का एक पुराना और बड़ा मंदिर है। दो दिन पहले धोबी समाज के अमित सिंह, अखिल भारतीय कोली समाज के नंदलाल भारती, वाल्मीकि समाज के अजय वाल्मीकि सहित दर्जनों लोग मंदिर में पहुंच गए। वहां उन्होंनो हनुमान चालीसा पढऩे के साथ पूजा-पाठ की गई।

अब हनुमानजी के मंदिरों की देखरेख और उन्हें संभालने का जिम्मा दलितों का है। इसके लिए हम सीएम योगी के आभारी हैं कि उन्होंने हमे बताया कि हनुमानजी हमारे समाज से हैं। उपस्थित दलितों का कहना है कि हमें ये जानकर बड़ी खुशी हुई है कि हनुमानजी हमारे समाज के हैं। अब हम जल्द ही सभी हनुमान मंदिरों का कब्जा लेंगे।

हनुमानजी के हर मंदिर को अब हम ही संभालेंगे। मंदिरों पर आने वाले दान और चढ़ावें को भी दलितों के उत्थान के लिए खर्च किया जाएगा। जल्द ही महासभा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को एक नोटिस भेजने जा रही है। सीएम योगी ने हनुमानजी को दलित बताकर दलितों का अपमान किया है। हनुमानजी वानर जाति से थे और दलित इंसान हैं। इसलिए दलितों की तुलना हनुमानजी से करके उन्होंने दलितों का अपमान किया है। इसके लिए हम कानून का सहारा लेंगे।