April 14, 2024

प्रदेशभर के आदर्श स्कूलों व्याख्यातों की दरकार
व्याख्याताओं की कमी से बढ़ता वरिष्ठ अध्यापकों पर बोझ
बीकानेर।
वरिष्ठ अध्यापकों की विभिन्न मांगों के निस्तारण को लेकर आज राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ (रेस्टा) की ओर से शिक्षा निदेशालय के आगे धरना दिया गया। इस दौरान वरिष्ठ अध्यापकों ने व्याख्याताओं की नियुक्ति की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया। रेस्टा के प्रदेशाध्यक्ष भैरूराम चौधरी ने बताया वरिष्ठ अध्यापकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर पिछले लम्बे से राज्य सरकार को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन इस पर राज्य सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर के प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक आदर्श स्कूल खोली गई है जिस आधार प्रदेशभर में 2०१४-१५ के बाद पांच हजार आदर्श खोले गए हैं लेकिन इनमें हिन्दी व अंग्रेजी के व्याख्याताओं की नियुक्ति अभी तक नहीं की गई जिससे वरिष्ठ अध्यापकों को इसकी मार झेलनी पड़ रही है। हालांकि राज्य सरकार की ओर से 2०१४-१५ के बाद इन विद्यालयों में व्याख्याताओं की नियुक्ति का वादा किया लेकिन वर्तमान सरकार के चार वर्ष बीत जाने के बाद भी व्याख्याताओं की नियुक्ति नहीं हो पाई जिससे इन विद्यालयों में वरिष्ठ अध्यापकों पर बोझ पड़ रहा है। उन्हें अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर विद्यार्थियों को अध्ययन करवाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि स्टाफिंग पैटर्न की जल्द से जल्द समीक्षा करके छात्र शिक्षक अनुपात लागू करने, नियमानुसार वरिष्ठ अध्यापकों को बीएलओ नहीं लगाए जाने, डार्क जोन से वरिष्ठ अध्यापकों का सीधी भर्ती नियुक्ति से पूर्व स्थानान्तरण करने, अन्तरमण्डल स्थानांतरण पर वरिष्ठता विलोपित नहीं होने, एनपीएस योजना को बंद कर जीपीएफ योजना एवं पेंशन लाभ देने, कक्षा १० में ६० से अधिक नामंाकन वाले विद्यालयों में विज्ञान संकाय खोले जाने, ५०० से अधिक नामंाकन वाले विद्यालयों में उपप्रधानाचार्य का पद सृजित करने, विद्यालयों में लिपिक की नियुक्ति पर शाला दर्पण प्रभारी का पदभार वरिष्ठ अध्यापकों को नहीं देने आदि मांगों को लेकर निदेशक के माध्यम से मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया गया है। इस पर राज्य सरकार की ओर से शीघ्र ही कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वरिष्ठ अध्यापकों को आंदोलन का रूख अपनाना पड़ेगा।