March 5, 2024

बीकानेर। भारतीय थल सेना अध्यक्ष विपिन रावत ने कहा है कि भारतीय सेना के हौंसले बुलन्द है और सेना हर चुनौती को निपटने को तैयार है। वह चाहे आंतरिक सुरक्षा हो या फिर आमजन की सुरक्षा की। संभाग के सूरतगढ़ के मिलिट्री स्टेशन में तीन आमर्ड रेजिमेंट्स को ध्वज प्रदान करने के स मान में ‘स्टैण्डर्ड प्रजीटेंशन 2017 Óआयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सेना के समक्ष कई चुनौतियों भी बताई। थल सेना अध्यक्ष ने शहीदों को नमन करते हुए हर जवान और ऑफिसर का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि साहस और कर्तव्यनिष्ठा के बलबूते पर सेना हमारी नाम का नाम बुलन्दी पर है। ऑपरेशन व शांति के दोनों वातारण में इन रेजिमेंटों की ओर से की गई कठिन सेवाओं का निवर्हन और वीर सैनिकों की ओर से किए गए उच्च बलिदान से यह राष्ट्रपति स मान ध्वज के रूप में पूर्ण पहचान मिली है। इस भव्य कार्यक्रम में ले िटनेट जनरल चेरिश मैथसन, जनरल अफसर कमांडिंग इन चीफ सप्त शक्ति कमान, ले िटनेंट जनरल पी सी थिमैया, जनरल अफसर कमांडिंग, चेतन कोर तथा कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी व सैन्य परिवारों के लोग साक्षी बने। इस कार्यक्रम की मेजबानी तीनों आर्मड रेजिमेंट के कर्नल ऑफ द रेजिमेंट मेजर जनरल विनोद शर्मा, मेजर जनरल एसएस महल व मेजर जनरल कुलप्रीत सिंह ने की। भारतीय सेना की शक्ति का प्रस्तुतीकरण ब्रिगेडियर प्रवीण छाबड़ा, कमाण्डर सैड वाइपर बिग्रेड के नेतृत्व में किया गया। रेजिमेंट की टुकडिय़ों की अगुवाई उनके कमान अधिकारियेां ने की। इन तीनों आर्मड रेजिमेंट्टों का राष्ट्रपति स मान ध्वज रेजिमेंट़ों के वीर सैनिकों की ओर से पिछले तीन दशक के दौरान की गई गठिन मेहनत, आत्म बलिदान, व प्रशंसनीय कार्य का परिणाम है।
आर्मड रेजिमेंटों के लिए एक ऐतिहासिक
सूरतगढ़ मिलिट्री स्टेशन में भारतीय आर्मड रेजिमेंटों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था, जब जनरल ऑफिसर विपिन रावत, चीफ ऑफ दी आर्मी स्टाफ की अेार से राष्ट्रपति की तरफ से 87 आर्मड रेंजिमेंट, 41 आर्मड रेजिमेंट और 10 आर्मड रेंजिमेंट को माउण्टेड परेड के बाद राष्ट्रपति के स मान ध्वज से नवाजा गया।

गरजे टैंक, दी सलामी
इस कार्यक्रम का सबसे अनूठा दृश्य एक साथ टी 72 मेन बैटल 28 टैंकों ने एक साथ गरजना का था। इन टैंकों ने कतारबद्ध से थल सेना अध्यक्ष को सलामी देकर उपस्थितजन को तालियां बजाने को मजबूर कर दिया। इस पल को साक्षी बने सैन्य अधिकारियेां और उपस्थितजन ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो और फोटो के रूप में कैद भी किया।