April 16, 2024

बीकानेर में सूदखोरी के कारोबार का काला साया

बीकानेर। सूदखोर के कारोबार में लिप्त माफियाओं ने शहर में बदमाशों की गैंग बना रखी है,जो समय पर रुपए नहीं लौटाने वाले को धमकी देने से लेकर मारपीट और शोषण करती है। उससे भी बात नहीं बनती है तो घर में रखा सामान व वाहन तक ले जाते हैं। लेकिन लोकलाज के डर से अधिकतर पीडि़त परिवार पुलिस तक नहीं पहुंच पाते हैं। जो पहुंचते हैं, उन्हें भी द्रबग सूदखोरों के खिलाफ पुलिस से ज्यादा मदद नहीं मिलती है। जिले में सूदखोरों का नेटर्वक दिनों-दिन बड़ा रहा है। उनके चंगुल में फंस कर जिले के कई युवाओं का कॅरियर खराब हो गया। कइयों को आत्महत्या करनी पड़ी। लेकिन उन पर लगाम लगाने को लेकर पुलिस महकमे के अधिकारी कुछ नहीं कर रहे। जबकि शहर व जिले में क्या चल रहा है, इसकी जानकारी देने को उनके पास अलग से जिला विशेष शाखा (डीएसबी) है। सूदखोर के चंगूल में फंसे लोगों को अपने मकान -दुकान तक गिरवी रखनी पड़ रही है। सूदखोरों के चंगूल में फंसा कोटगेट क्षेत्र का एक बड़ा कारोबारी बर्बाद होकर बीकानेर से पलायन तक चुका है,उसकी दुकान पर आज भी सूदखोरों का कब्जा कायम है। शहर के श्रीतोलियासर मार्केट में ऐसे कई दुकानदार है जिन्होने जरूरत पडऩे पर सूदखोरों से रूपये उधार तो ले लिये लेकिन अब उन्हे चौगूनी ब्याज से रूपये चुकाने पड़ रहे है,सूदखोरों की गैंग के बदमाश उनसे हर रोज ब्याज वसूली कर ले जाते है,कई दुकानदार पचास-साठ हजार रूपये की मूल रकम से दुगुना ब्याज चुका चुके है,लेकिन फिर भी सूदखोरों से उनका पिंड नहीं छूट रहा है। पुख्ता खबर है कि शहर में सूदखोरों ने गुरूनानक मार्केट,श्रीतोलियासर मार्केट,केईएम रोड़,बाबूजी प्लाजा,कोटगेट क्षेत्र के सैंकड़ो छोटे-मोटे दुकानदारों को अपने चंगूल में फंसा रखा है। इनके अलावा शहर के अनेक सर्राफा कारोबारी भी सूदखोरों के जाल में फंस कर लाखों रूपये ब्याज हर माह चुकाने को मजबूर है। ब्याज की रकम चुकाने में एक-दो दिन देरी हो जाने पर सूदखोरों के गुण्डे-बदमाश डराना धमकाना शुरू कर देते है।