May 28, 2024

नोएडा, भारत से लूटे गए मोबाइल के पाकिस्तान में बिकने का पहला मामला नोएडा में सामने आया है। मोबाइल साफ्टवेयर इंजीनियर से सेक्टर-62 में एक साल पहले लूटा गया था। पचास हजार के आइफोन में नया सिम डलते ही इंजीनियर के नंबर पर मैसेज आ गया कि उनका मोबाइल करांची में चल रहा है। इंजीनियर ने यह जानकारी नोएडा पुलिस को दी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी दी गई। नोएडा पुलिस ने विदेश मंत्रालय को रिपोर्ट भेजकर जांच की मांग की है। विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप से मोबाइल चलाने वाले के पकड़े जाने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि किस गैंग या नेटवर्क के माध्यम से मोबाइल नोएडा से करांची पहुंच गया। सेक्टर-62 के जेपी इंस्टीट्यूट से सिद्धार्थ कुमार साफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। अप्रैल 2017 में वह इंस्टीट््यूट के बाहर आइफोन पर किसी से बात कर रहे थे। तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने तमंचा लगाकर मोबाइल लूट लिया। कोतवाली सेक्टर 58 में लूट का मामला दर्ज कर लिया गया।
सिद्धार्थ ने एफआइआर के आधार पर नया सिम जारी करा लिया। इसी बीच पिछले दिनों सिद्धार्थ के मोबाइल नंबर पर मैसेज आया, जिससे पता चला कि उनका लुटा हुआ मोबाइल करांची पाकिस्तान में चालू हो गया है। नोएडा पुलिस के पास व्यवस्था नहीं : नोएडा पुलिस ने सिद्धार्थ के पास आए नंबर के आधार पर मोबाइल इस्तेमाल करने वाले के बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की, लेकिन भारत की सेल्यूलर कंपनियों ने पाकिस्तान के नंबर की जानकारी देने में असमर्थता जता दी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय से मदद लेने का निर्णय लिया गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि आतंकी संगठनों ने लुटेरों से साठगांठ कर ली है। आतंकी भारत से लूटे गए मोबाइल का इस्तेमाल अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने में कर सकते हैं। वह भारत से लूटे गए मोबाइल से बातकर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने का भी प्रयास कर सकते हैं।
नोएडा के एसपी सिटी अरुण कुमार का कहना है कि ‘पाकिस्तान के करांची में चल रहे मोबाइल के बारे में पता लगाने के लिए विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा गया है। लोकल स्तर पर भी पुलिस यह जांच करने में जुटी है कि किस गैंग ने छात्र से मोबाइल लूटा था। गैंग के पकड़े जाने या मोबाइल संचालक तक पहुंचने के बाद ही पूरे रैकेट की जानकारी मिल सकेगी।