April 14, 2024

आम आदमी पार्टी को आयकर विभाग ने कारण बताओ नोटिस भेजा है. आयकर विभाग ने ‘आप’ से पूछा है कि 30.67 करोड़ रुपये आपसे क्यों ना वसूले जाएं. आयकर विभाग के नोटिस पर आप ने कहा है कि हमारा चंदा पवित्र है और ये शत्रुतापूर्ण कार्रवाई है.

आपको बता दें कि आयकर विभाग का ये नोटिस साल 2014-15 के दौरान पार्टी द्वारा लिए गए चंदे के लिए आया है. इसमें अप्रैल 2014 के दौरान 2 करोड़ रुपये का चंदा भी शामिल है जिस पर काफी लंबे समय से विवाद है. इससे पहले आयकर विभाग ने इस साल मई महीने में भी आप को नोटिस भेजकर पूछा था कि बही खाते में कथित जालसाजी और उसको मिले चंदे पर जानबूझ कर टैक्स चुकाने से बचने की कोशिश के लिए उस पर मुकदमा क्यों नहीं चलाना चाहिए.

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दीपक बाजपाई ने ‘आजतक’ से खास बातचीत में कहा, “आयकर का ये नोटिस बोगस और आधारहीन है. गुजरात चुनाव से पहले हमें इस तरह के कदम का इंतजार था. हमारा चंदा पूरी तरह पारदर्शी है और पहली बार किसी पार्टी के चंदे को गैरकानूनी ठहराया गया है.”

आपको बता दें कि आयकर विभाग ने 7 दिसंबर को पार्टी से पक्ष रखने को कहा है. आयकर विभाग के नोटिस में आम आदमी पार्टी पर चंदा नियमों के अनुकूल ना होने का आरोप लगाया है.

AAP पर हैं ये आरोप

इनकम टैक्स विभाग ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने साल 2014-15 के दौरान चंदे की जानकारी छुपाई है. आरोप हैं…

1. आम आदमी पार्टी ने अपने खाते में 13.16 करोड़ रुपये के चंदे की जानकारी नहीं लिखी.

2. आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग को दी चंदे की जानकारी में 461 दान देने वालों के नाम और पते की जानकारी नहीं दी जिन्होंने 6.26 करोड़ रुपये दिए.

3. जांच के दौरान पता चला कि AAP ने 36.95 करोड़ रुपये के चंदे की जानकारी वेबसाइट पर नहीं दी और पकड़े जाने पर वेबसाइट से सारी डिटेल हटा ली.

4. AAP ने 29.13 करोड़ रुपये का चंदा चुनाव आयोग को नहीं बताया.

5. AAP ने हवाला ऑपरेटर से 2 करोड़ रुपये का चंदा लिया.

6. AAP ने जांच भटकाने की कोशिश की जबकि उनको अपनी सफाई पेश करने के लिए 34 मौके दिए गए.