April 14, 2024

बीकानेर। प्रदेशभर में कन्या महाविद्यालयों में ए ग्रेड श्रेणी में आने के बावजूद भी बीकानेर का महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय अनदेखी के कारण पिछड़ता चला जा रहा है। बीकानेर संभाग में ए ग्रेड श्रेणी में आने वाले महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में सरकार की अनदेखी के कारण लम्बे समय खेलकूद विभाग की ओर अनदेखी का रूख अपनाया जा रहा है। कॉलेज में पिछले लम्बे समय से एक भी पीटीआई की नियुक्ति नहीं की गई है जिससे जिला स्तरीय, राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए किए जाने वाले अभ्यास के समय कुछ खामियां रह जाती है जिसका नतीजा प्रतियोगिता के समय नजर आता है। गौरतलब है कि महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में संभाग स्तर से छात्रायें अध्ययन के लिए आती है और वहीं कॉलेज में सभी खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए छात्राओं का चयन कर प्रतियोगिताओं में भेजा जाता है लेकिन उनके अभ्यास में मदद के लिए पीटीआई की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार की ओर से अनदेखी का रूख अपनाया जा रहा है। कॉलेज में अध्ययन करने आने वाली छात्रायें शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद में रूचि तो दिखाती है लेकिन सरकार की अनेदखी से इन्हें पूरी तरह से सुविधायें नहीं मिल पाती है जिससे अभ्यास के दौरान की गई मेहनत पर पानी फिर जाता है।
बीकानेर संभाग की बेटियों की प्रतिभायें कैसी होगी उजागर
जहां एक ओर तो देश की बेटियां हर स्तर पर आयोजित होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताएं एवं अन्य मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रही है। वहीं दूसरी ओर कुछ जगह ऐसी भी है जहां बेटियों को आगे लाने के लिए सरकार के प्रयास विफल साबित होते जा रहे है। कहने को बीकानेर जिले में संचालित महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय प्रदेशभर में अपनी छवि ए ग्रेड श्रेणी में रखता है वहीं दूसरी ओर कॉलेज में राज्य सरकार की अनदेखी के कारण बेटियों को प्रतियोगिताओं में कई जगह मात खानी पड़ रही है। हालंाकि छात्राओं की ओर से कड़ी मेहनत करते हुए प्रतियोगिताओं में दमखम दिखाते हुए स्वर्ण, सिल्वर व कांस्य पदक दिलवाये जा रहे है लेकिन कुछ जगह सामने आई खामियों का समाप्त कर आगे की बढऩा होगा। कॉलेज छात्रा मनीष जोधा ने बताया कि कॉलेज में पीटीआई की मांग को लेकर कई बार कॉलेज प्रशासन, विधायक व राज्य सरकार को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है लेकिन इस पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। छात्राओं की ओर से प्रतियोगिता में हिस्सा तो ले लिया जाता है लेकिन अभ्यास की सुविधा व पीटीआई नहीं होने के कारण कुछ खामियां रह जाती है। जोधा ने बताया कि इस संबंध में हाल में कॉलेज में आई मंत्री किरण महेश्वरी को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है। इस उन्होंने एक माह के भीतर पीटाई व कॉलेज परिसर में स्पोट्र्स काम्प्लेक्स का कार्य शुरू करवाने का आश्वासन दिया है।

व्याख्याता संभाल रहे है पीटीआई का पद
महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में पिछले लम्बे समय से खेलकूद विभाग के लिए पीटीआई न होना व्याख्याताओं के लिए भारी पड़ रहा है। कॉलेज प्रशासन की ओर से बार-बार जनप्रतिनिधियों व राज्य सरकार को कई बार पत्र के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है लेकिन राज्य सरकार की ओर कोई सकारात्मक जवाब नहीं आ रहा है जिससे कॉलेज के व्याख्याताओं को ही खेलकूद विभाग की जिम्मेवारी संभालनी पड़ रही है। इसके लिए महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में पिछले लम्बे समय पीटीआई की दरकार को देखते हुए संस्कृत व्याख्याता को पीटीआई की जिम्मेवारी सौंप रखी है।जो उन्हें नियमित कक्षाओं के बीच या बाद में अभ्यास करवाते है। पिछले दिनों हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए कॉलेज से गई टीमों को भी बिना पीटीआई के ही अभ्यास करना पड़ा। इसके पश्चात् दो वर्ष बीत गये है लेकिन कॉलेज से क्रिकेट के लिए ना ही टीम और ना ही इसके लिए किसी ने कोशिश भी की।
बिना पीटीआई के बेटियों ने दिखाया दमखम
पिछले कुद समय पूर्व प्रदेश में आयोजित हुई राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में कॉलेज की बेटियों ने स्वयं अभ्यास कर हिम्मत जुटाते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस दौरान कहीं विजयी हासिल हुई तो कहीं पर हार का सामना करना पड़ा। कॉलेज की ओर ताइक्वाइंडों में स्वर्ण पदक, टेबिल टेनिस में स्वर्ण, वैट लिफ्टिंग में स्वर्ण, शतरंज में सिल्वर, बॉक्सिंग में सिल्वर, जूडो में कांस्य, तीरंदाजी में स्वर्ण पदक हासिल किया। इन प्रतियोगिता में कॉलेज की छात्राओं ने दमखम दिखाते हुए महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय को ४ स्वर्ण, 2 सिल्वर व एक कांस्य पदक दिलवाया।