May 28, 2024

इन दिनों पंजाब नेशनल बैंक का 11 हजार करोड़ का घोटाला देश दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस तो कह रही है कि यह घोटाला 21 हजार करोड़ का है। लेकिन अब एक और चौंकाने वाला आंकडा आया है आरबीआई ने सूचना के अधिकार के तहत दिए जानकारी के मुताबिक पिछले पांच सालों में लगभग 61 हजार करोड़ का घोटाला हुआ है। यानि आम आदमी का 61 हजार करोड़ रूपए कुछ लोगों ने जुआड़ करके डकार गए। आम आदमी रोटी, दाल, प्याज के लिए मारा मारी करने में जुटा है। गरीब इसलिए मर रहा है कि उसके पास दवा खरीदने और डाक्टर को दिखाने के लिए पैसा नहीं है। लगभग चार साल पहले भाजपा के प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था मैं प्रधानमंत्री नहीं प्रधान सेवक बनूंगा। चौकीदार बनूंगा। अब सवाल उठना लाजमी है कि ये कौन सी चौकीदारी है कि देश का 61 हजार करोड़ रूपए चला गया और चौकीदार को भनक ही नहीं लगी। आरोप प्रत्यारोप लगाने से कुछ नहीं होने वाला है। आने वाले समय में जनता पाई-पाई का हिसाब लेगी। अब आइए बताते हैं कि पिछले 5 सालों में लोन फ्रॉड के मामलों में बैंकों ने करीब 8670 केस दर्ज किए हैं। वहीं इन्हीं धोखाधड़ी की वजह से बैंकों को 61 हजार करोड़ की चपत लग चुकी है। और देश के प्रधान सेवक भनक ही नहीं लगी इससे बड़ा आश्चर्य और क्या हो सकता है। इन दर्ज किए गए केसों में पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से सबसे ज्यादा केस दर्ज किए गए हैं। पीएनबी ने धोखाधड़ी के तहत अब तक 389 केस दर्ज किए गए हैं। आरबीआई द्वारा समाचार एजेंसी रायटर्स को सूचना के अधिकार के तहत मिले डाटा के अनुसार सबसे ज्यादा मामले पंजाब नेशनल बैंक ने दर्ज किए। इन मामलों की कुल संख्या 389 है। वहीं दूसरे और तीसरे नंबर पर बैंक ऑफ बड़ौदा और बैंक ऑफ इंडिया का नंबर है। 31 मार्च 2017 तक आरबीआई के पास कुल मिलाकर 9.58 बिलियन डॉलर के लोन फ्रॉड केस दर्ज किए गए हैं। आइए बताते हैं क्या होता है लोन फ्रॉड केस: भारत में लोन फ्रॉड केस तब दर्ज किया जाता है जब कोई व्यक्ति या फिर कंपनी लोन लेने के बाद उसे वापस न करे। पिछले साल देश के बैंकिंग सेक्टर में 149 बिलियन डॉलर के खराब लोन दर्ज किए गए थे। इस डाटा से साफ होता है कि भारत में बैंकिंग सेक्टर काफी दबाव में काम कर रहा है। इन बैंक घोटालों से साफ हो जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी अपने कथन पर खरे नहीं उतर सके हैं। न तो वे प्रधानसेवक बन सके और न देश के चौकीदार बन सके।