February 22, 2024

बीकानेर। विधानसभा में मौजूदा सरकार का आखिरी चुनावी बजट सोमवार को सवेरे 11 बजे से पेश किया गया। केंद्र सरकार की ओर से जारी बजट की तरह राज्य का यह बजट पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा नजर आया। इस चुनावी बजट घोषणा में किसानों के लिए खासी राहत की घोषणाएं की गई हैं। सरकार की ओर से जारी किए जा रहे बजट के दौरान लोगों की निगाहें टीवी व इंटरनेट पर टिकी रहीं। प्रदेश का संभाग मुख्यालय होने से बीकानेर की जनता पिछले तीन-चार सालों से उपेक्षा की शिकार हो रही थी। इस बार के बजट में बीकानेर की झोली खाली ही रही। हालांकि सरकार ने सड़क, लैब और एम्बुलेंस जैसी लॉलीपॉप जरूर बीकानेर के हाथों में थमाई है। लेकिन पिछले सालों पर नजर डालें तो कई आवश्यक घोषणाओं को सरकार आज तक पूरा नहीं कर पाई है। वर्तमान बजट में इनका जिक्र तक नहीं किए जाने से बीकानेर के लोग ही नहीं सत्तारूढ भाजपा के कार्यकर्ता भी मायूस नजर आए। मुख्यमंत्री द्वारा सदन में बजट पेश किये जाने से लेकर अंतिम बजट के अंतिम क्षणों तक बीकानेर लोगों की निगाहें टीवी व इंटरनेट पर टिकी हुईं रही,मगर विडम्बना रही कि पूरे बजट के दौरान पौन घंटे में बीकानेर का सिर्फ एक बार ही जिक्र होने से यहां के लोग खासे नाराज दिखे। इस बार सरकार का आखिरी साल होने के चलते जनता खासी उम्मीद बांध कर बैठी थी। लेकिन कहीं-कहीं सरकार की उदासीनता का असर भी नजर आया। बजट में फिलहाल तो बीकानेर जिले को कुछ विशेष नहीं मिला है।
अधूरी रह गई उम्मीदें
बजट को लेकर जिले को लोगों को उम्मीद थी कि बीकानेर में केन्द्रीय कृषि विश्व विद्यालय खोलने और सौर ऊर्जा हब, जिप्सम हब की घोषणा होगी,लेकिन मुख्यमंत्री ने बजट पेश करते समय बीकानेर से जुड़ी इन उम्मीदों का जिक्र तक नहीं किया। इसके अलावा नोखा क्षेत्र के लिए इस बार बजट में एडीजे कोर्ट खुलने की उम्मीद थी।