April 16, 2024

दस साल में खर्च किये जा चुके है दस करोड़
बीकानेर। शहर के विकास को निगल रहा सूरसागर बीकानेर के लिये सफेद हाथी बन गया है,इसकी आभा निखारने के लिये हर साल करोड़ों रूपये खर्च किये जाने के बाद भी हर साल बारिश के दौर में इसका स्वरूप बिगड़ जाता है,और बिगड़े स्वरूप को संवारने के लिये नगर विकास न्यास को बड़ा बजट खर्च करना पड़ता है। हालात यह है कि सूरसागर को को संवारने में नगर विकास न्यास का खजाना पैंदे लग गया है। आर्थिक विशेषज्ञों को मनाना है कि सूरसागर को संवारने में अब तक जितना धन खर्च किया गया है,उतनी राशि में तो नया सूरसागर बन कर तैयार हो जाता है। मजे कि बात तो यह है कि नगर विकास न्यास ने सूरसागर के विकास पर तो खर्च के लिये खजाना खोल रखा है,लेकिन आमदनी जुटाने के लिये कोई कार्य योजना नहीं बनाई है।नगर विकास न्यास के अधिकारी भी अब सूरसागर के नाम से उफता गये है। अभी सूरसागर को संवारेन को काम युद्धस्तर पर चल रहा है,सफाई के लिये उस चारदिवारी को फिर तोड़ा गया है जिसे बनाने के लिये अभी पिछले साल ही लाखों रूपये खर्च किये थे। फिलहाल आधुनिक मशीनें लगाकर सबसे पहले सूरसागर के गंदे पानी की निकासी की गई । वर्तमान में सूरसागर से सारा पानी निकल चुका है। नगर विकास न्यास ने मशीनें लगाकर सबसे पहले सूरसागर की चारदीवारी को तोड़कर अस्थाई रेप बिछाने का काम शुरू किया गया । गुरुवार को जेसीबी मशीन, चैनमशीन लगाकर गंदगी निकालने का काम शुरू कर दिया गया। इसके साथ-साथ ही सूरसागर की दीवारों की रंगाई पुताई का काम भी शुरू कर दिया गया है।