April 20, 2024

बीकानेर। बज्जू इलाके में गुरूवार की देर अपरान्ह हुए दुखद हादसे में आरडी एक हजार के पास इंदिरा गांधी नहर में डूबे भाई-बहन के शवों की तलाश में देर रात तक चली मशक्कत के बाद शुक्रवार सुबह बहन का शव स्वत: तैरता हुआ ऊपर आ गया जबकि भाई का शव अभी तक बरामद नहीं हुआ है। उसकी तलाश के लिये इलाके के दो गोताखोरों लगातार प्रयास कर रहे है,वहीं नहर में पानी का बहाव रूकवाकर जाल भी फैलाया गया है। मौके पर मौजूद बज्जू थाने के सब इंस्पेक्टर बजरंग लाल यादव ने बताया कि हादसे में मृतका इंदिरा का शव नहर में तीन किलो मीटर आगे तक बह गया था जो शुक्रवार की सुबह स्वत: ही ऊपर आ गया,जिसे कब्जे में लेकर बज्जू के सामुदायिक चिकित्सा केन्द्र में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। जानकारी में रहे कि नागौर जिले के लाडनूं बालकिया निवासी इंदिरा (22) पुत्री सुखपुरी गोस्वामी एवं श्रीडंूगरगढ़ के लखासर निवासी रिश्ते में उसका भाई भागीरथ (32) पुत्र जगदीश सहित परिवार के अन्य लोग जैसलमेर के तनोट माता में दर्शन कर वापस लौट रहे थे। गुरुवार सुबह सभी लोग बज्जू के पास आइजीएनपी नहर की आरडी एक हजार पर पर रुके। इस दौरान नहर किनारे नहाने गई इंदिरा का पैर फिसलने से वह नहर में गिर गई। इंदिरा को नहर में डूबते देख उसे बचाने के लिए भाई भागीरथ ने भी नहर में छलांग लगा दी। पानी का तेज बहाव होने के काराण दोनों भाई-बहिन डूब गए। एसआइ यादव ने बताया कि हादसे की सूचना मिलने पर एक हजार आरडी पर पहुंचे। इसके बाद गोताखोर सलीम व कानाराम को बुलाया। दोनों गोताखोर एवं ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया लेकिन शव नहीं मिले। वहीं हादसे की जानकारी मिलने पर बज्जू तहसीलदार हरिसिंह शेखावत भी मौके पर पहुंचे।