May 28, 2024

चूरू। पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए राजस्थान के सपूत राजेन्द्र नैण का मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ. राजेंद्र नैन को अंतिम विदाई देने के लिए उनके पैतृक गांव रतनगढ़ के गोरीसर में शहादत को सलाम करने वालों का तांता लग गया. इससे पहले शहीद की पार्थिव देह चूरू पहुंचने के बाद रतनगढ़ पुलिस थाने में रखवाई गई थी. पार्थिव देह के साथ करीब एक दर्जन सैन्य अधिकारी भी चूरू पहुंचे. कश्मीर में शनिवार रात सीआरपीएफ कैंप में हुए फिदायीन हमले में चूरू जिले के राजेंद्र नैण शहीद हो गए थे. सोमवार को मौसम खराब होने की वजह से शहीद का शव श्रीनगर से शाम तक दिल्ली पहुंचा, जहां से सडक़ मार्ग से रतनगढ़ लाया गया गमगीन माहौल में परिजनों के करूण क्रन्दन के बीच एक दूसरे को परिजन दिलासा देते रहे और इन सबके बीच न केवल शहीद पिता बल्कि ग्रामीण भी अपने लाड़ले के अन्तिम दर्शनों के लिए आस लगाए इंतजार करते रहे. पिता सहीराम को जहां अपने बेटे को खो देने का गम था वहीं उसकी शहादत पर गर्व भी जाहिर किया. सहीराम ने कहा कि उनके बेटे ने देश के लिए प्राणों की आहुति दी इस पर गर्व है. शहीद के ममेरे भाई ने आक्रोश जताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि एक नहीं 100 बार भी सर्जिकल स्ट्राइक करनी पड़े.