May 21, 2024

भाजपा की पहली लिस्ट में नहीं आई ये सीट्स:बीकानेर पूर्व सहित छह सीट पर केंडिडेट्स को अपने नाम का इंतजार,सबसे ज्यादा दावेदार पश्चिम से
बीकानेर। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए पहली लिस्ट में बीकानेर से सिर्फ श्रीडूंगरगढ़ को शामिल किया है, जबकि छह सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा अभी उम्मीद ही बनी हुई है। आमतौर पर ये माना जा रहा था कि बीकानेर पूर्व की सीट की घोषणा सबसे पहले होगी और विरोध के चलते श्रीडूंगरगढ़ की सीट पर अंत में दावेदार घोषित किया जाएगा।दरअसल,भारतीय जनता पार्टी के सर्वे में जिन सीट्स को सबसे मजबूत माना गया था, उनमें बीकानेर पूर्व की सीट है। इस सीट पर अब तक तीन विधानसभा चुनाव हुए हैं और तीनों ही सिद्धि कुमारी ने जीते हैं। ऐसे में तय था कि पहली लिस्ट में सिद्धि कुमारी का नाम आ सकता है। इसके विपरीत पार्टी ने इस सीट पर अभी दावेदार घोषित नहीं किया है। ऐसे में न सिर्फ सिद्धि कुमारी खेमे में थोड़ी मायूसी है बल्कि उनके सामने टिकट मांग रहे दावेदारों की उम्मीद कुछ बढ़ गई है।
ये हो सकते हैं कारण
पहली लिस्ट में बीकानेर पूर्व को शामिल नहीं करने का एक कारण ये हो सकता है कि यहां से भाजपा अपनी जीत तय मानती है। ऐसे में केंडिडेट्स की घोषणा में जल्दबाजी नहीं करना चाहती । सिद्धि कुमारी स्वयं वसुंधरा राजे टीम की सदस्य हैं। पहली लिस्ट में वसुंधरा के अधिकांश तय नाम देने के मूड में पार्टी नहीं दिखती। एक कारण ये भी है कि इस सीट पर केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल नए चेहरे को उतारने की कोशिश कर सकते हैं, क्योंकि जीत पार्टी तय मान रही है।
इन सीट्स पर भी जीती थी भाजपा
इसके अलावा भाजपा के दो विधायक और हैं, जिन्हें रिपीट करने की उम्मीद की जा रही है। नोखा से विधायक बिहारीलाल बिश्नोई और लूणकरनसर से सुमित गोदारा का नाम भी पहली लिस्ट में नहीं आने से कार्यकर्ताओं में खलबली है। इन सीटों पर भी पार्टी के पास दावेदारों की लम्बी फेहरिस्त है। ऐसे में पार्टी जल्दबाजी कर विरोध पैदा नहीं करना चाहती। हालांकि ये दोनों सीट भाजपा की श्योर जीत वाली सूची में नहीं है।
पश्चिम में दावेदार ज्यादा भी, मजबूत भी
बीकानेर की सात विधानसभा सीट में बीकानेर पश्चिम में टिकट तय करना मुश्किल है। दरअसल, यहां दावेदार ज्यादा है और अधिकांश दावेदार मजबूत है। ऐसे में उनमें से तय करना पार्टी के लिए चुनौती है। भाजपा के दर्जनभर से ज्यादा दावेदारों में आधा दर्जन अपना टिकट पक्का मानकर फिल्ड में तैयारी कर रहे हैं। एक दावेदार ने तो झंडे-बिल्ले का ऑर्डर भी दे दिया है।
इन सीट्स पर भी बढ़ी चिंता
खाजूवाला में भाजपा पहले जीत चुकी है लेकिन पिछली बार हार मिली। इस आरक्षित सीट पर पूर्व विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल मुख्य दावेदार है, मगर उनके सामने भी कई नेताओं ने दाव लगा रखा है। इसी तरह श्रीकोलायत में भी टिकट तय नहीं हुआ है। देवी सिंह भाटी के फिर से भाजपा में शामिल होने से यहां टिकट दावेदारों का गणित बदल गया है।