April 16, 2024

बीकानेर। इंडियन सोसायटी ऑफ एक्सटेंशन एज्यूकेशन (आइएसईई) द्वारा स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय और फाउण्डेशन फोर एशन रिसर्च के संयुक्त तत्वावधान् में 14 से 16 नवंबर तक राष्ट्रीय सेमीनार आयोजित होगा। कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने मंगलवार को इसकी तैयारियों की समीक्षा की। कुलपति ने बताया कि ‘बदलते ग्रामीण परिवेश में कृषि विकास के समग्र दृष्टिकोणÓ विषयक सेमीनार में देश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसार क्षेत्र से जुड़े कृषि वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान एवं विद्यार्थी भाग लेंगे। सेमीनार के सफल आयोजन के लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया है। संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करें तथा तैयारियों को बुधवार तक अंतिम रूप दे दें। उन्होंने प्रतिभागियों के आवास, भोजन, विभिन्न सत्रों, वाहन, विषय विशेषज्ञों सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। कुलपति ने बताया कि सेमीनार के तहत कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान तथा मानव विकास संसाधन निदेशालय सभागार में विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित होंगे। वहीं उद्घाटन समारोह विश्वविद्यालय के इनडोर स्टेडियम में होगा। इस दौरान विभिन्न थीम पर आधारित पोस्टर प्रदर्शित किए जाएंगे। बैठक में विभिन्न कमेटियों से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
किन्नू उत्पादन तकनीक पर हुई चर्चा
मानव विकास संसाधन निदेशालय में चल रहे इक्कीस दिवसीय शीतकालीन प्रशिक्षण के दौरान मंगलवार को पूर्व अनुसंधान निदेशक डॉ. एम के कौल ने किन्नू की उन्नत उत्पादन तकनीक, किन्नू में उर्वरक व जल प्रबंधन, कीट व रोग प्रबंधन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग बीस हजार हैक्टेयर क्षेत्र में किन्नू का उत्पादन हो रहा है। किसान कंपनी बनाकार विपणन करे ंतो अधिक मुनाफा ले सकते हैं। उन्होंने श्रीगंगानगर के किन्नू की गुणवत्ता के बारे में बताया। राजस्थान कृषि महाविद्यालय उदयपुर के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. कपिल अमोटा ने पॉली हाउस में खीरे की उत्पादन तकनीक एवं उसके प्रबंधन के बारे में बताया। उन्होंने पॉली हाउस में निमेटोड व कीट प्रबंधन के बारे में बताया। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि प्रशिक्षण में नौ राज्यों के कृषि वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। यह प्रशिक्षण 27 नवंबर तक चलेगा।