February 29, 2024

उदयपुर रेलवे ब्रिज ब्लास्ट, बाइकर्स गैंग रडार पर : पुल पर अक्सर बैठते हैं, बस पर भी कर चुके पथराव; इलाके में दबदबा बनाने का मकसद

उदयपुर। उदयपुर में हुए रेलवे ब्रिज ब्लास्ट में पुलिस लोकल एंगल पर भी फोकस कर रही है। इलाके में एक्टिव 3-4 बाइक राइडर्स ग्रुप की तलाश की जा रही है। पुलिस ने इनमें से कुछ युवकों को पकड़ा भी है, जो ज्यादातर नाबालिग हैं।
पुलिस को शक है कि मार्च में इसी गैंग के बाइक राइडर्स ने चलती बस पर पुल से पथराव किया था। ये युवक ओढ़ा के आसपास छोटे फलां (गांव) के रहने वाले हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो अधिकतर पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इलाके में अपना दबदबा बनाने के लिए पहले भी कई बार पथराव और कांकर डूंगरी कांड में उपद्रव के दौरान शामिल रहे हैं। स्थानीय होने से कारण उनके लिए पहाड़ी और जंगलों में छिपना आसान है। ओढ़ा के जिस रेलवे ब्रिज पर ब्लास्ट हुआ, वहां भी ये युवक अक्सर बैठते रहे हैं।

इलाके की माइंस की जानकारी जुटा रही पुलिस
पुलिस ने बाबरमाल क्षेत्र में बंद पड़ीं माइंस के बारे में भी जानकारी ली है। कौन सी माइंस कब से बंद है। कौन-कौन वर्कर वहां एक्टिव है? बाबरमाल क्षेत्र ओढ़ा से करीब 20 किलोमीटर है। यहां बड़ी संख्या में पत्थरों की माइंस हैं। इसमें ज्यादात्तर आस-पास के आदिवासी युवक काम करते हैं। उन्हें भी विस्फोट और उसकी फिटिंग के बारे में गहरी समझ है। पुलिस इस एंगल से भी अपनी जांच कर रही है कि इस ब्लास्ट के पीछे इन्हीं माइनिंग में काम कर चुका युवक तो शामिल नहीं है?

देर रात तक अधिकारियों की मीटिंग, जंगल में सर्च
ब्लास्ट के बाद दूसरे दिन सोमवार को उदयपुर एसपी विकास शर्मा ने देर रात तक संबंधित थानाधिकारियों की बैठक ली। इसमें जावर माइंस, टीडी समेत तीन-थानों में पिछले 10 सालों में लंबे समय तक काम कर चुके कई अधिकारियों-पुलिसकर्मियों को इस केस के लिए बुलाने पर बात हुई। सोमवार देर रात तक 12 से ज्यादा थानाधिकारियों की टीमों ने केवड़ा, टीडी, ओड़ा और जावर के जंगलों में सर्च किया।

वन विभाग की भी मदद ली
इसके लिए वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मदद भी ली गई। पुलिस ने जावर माइंस क्षेत्र में डोटोनेटर सप्लाई करने वाले दो युवकों को डिटेन किया है। उनसे पिछले 6 महीनों में विस्फोटक सामान की बिक्री करने वाले लोगों की विस्तार से जानकारी ली गई।