May 28, 2024

बीकानेर। पुलिस का दावा है कि जिले में इस साल अपराध में कमी हुई है। लेकिन हकीकत यह है कि इस साल अपराधिक मामलों में 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। वजह है पुलिस आंकड़ों के जाल में अपराध का आंकलन कम मान रही है। पुलिस को टारगेट दिया गया है कि इस साल के आखिरी तक लंबित प्रकरण 5 फीसदी से ज्यादा रहे। अब पुलिस दिसंबर में मामले दर्ज करने से बच रही है। ऐसे में पीडि़त थानों से लेकर अधिकारियों तक चक्कर लगा रहे हैं। पुलिस अपने ट्रैक रिकॉर्ड ठीक करने में जुटी है। जोड़-तोड़ के आंकड़ों में भले ही पुलिस अपराध को कम मान रही हो। लेकिन हकीकत यह है कि इस साल भी जिले में अपराधिक वारदातों का बोलबाला रहा। चोरी की वारदाते इस साल पिछले साल की तुलना ज्यादा हुई,वाहन चोरी की वारदातों का सिलसिला भी पूरे साल जारी रहा,महिला अपराध से जुड़ी वारदातें भी पिछली दफा से ज्यादा हुई। अब साल के आखिरी में थानों में मुकदमे कम दर्ज किए जा रहे हैं। क्योंकि साल के आखिर में सभी पुलिस थानों को पेंडेंसी कम दिखानी है। परिवादियों को समझा बुझाकर वापस भेजा जा रहा है। ऐसे में पीडि़त 56 लोगों को मुकदमा दर्ज करवाने के लिए कोर्ट इस्तगासे का सहारा लेना पड़ रहा है। गंभीर मामलों में ही पुलिस मुकदमे दर्ज कर रही है।