May 28, 2024

बस स्टॉप है, लेकिन कुर्सियां नहीं
बीकानेर।
जहां सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर एक ओर जश्न मनाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर से सरकारी की नाकामयाबी के सबूत बस स्टॉप बयां कर रहे है। जिसके हालातों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में करवायें गये कार्यों पर अनदेखी किस कदर हावी हो चुकी है। जानकारी में रहे कि महानगरों की तर्ज पर शहर में सिटी बसों का संचालन कर इसके लिए जगह-जगह बस स्टॉप तो बनाए गए लेकिन अनदेखी से यह ठहराव अधिक समय तक नहीं टिक पाए। शहर में राज्य सरकार की ओर से अंदरुनी व आसपास के क्षेत्रों में यात्रियों की सुविधा के लिए सिटी बसें चलाई गई। इस दौरान शहर के मुख्य चौराहों पर यात्रीभार को देखते हुए ठहराव स्टैण्डों का निर्माण किया गया। इसके पश्चात् सरकारी नुमाइंदों की अनदेखी के चलते इन ठहराव स्थलों पर धीरे-धीरे लगी कुर्सियां, पट्टियां एवं बोर्ड तक उखड़ चुके है। वहीं अधिकांंश स्टैण्डों पर बैठने के लिए लगाई गई कुर्सियों का नामोनिशान भी नहीं है। हालांकि उरमूल सर्किल जैसे व्यस्ततम इलाके में से कुर्सिया ले जाना असंभव है क्योंकि चौराहे पर अस्थाई पुलिस चौकी तैनात है जिसमें हर समय पुलिस के जवानों की मुस्तैदी रहती है। जिसके चलते यात्रियों को बसों के लिए जमीन पर बैठकर इंतजार करना पड़ रहा है। महिलायें, बच्चें व वृद्धों को इससे बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई-कई बार बसों के इंतजार में घंटो का इंतजार करना पड़ता है। राजस्व का नुकसान बसों के ठहराव के लिए शहर में जगह-जगह बनाए गए ठहराव स्टैण्डों के निर्माण कार्यों में सरकार की ओर किए गए खर्च व्यर्थ हो गया है। इन स्टैण्डों पर लगी कुर्सिया गायब हो चुकी है। टिन शेड जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है। वहीं स्टैण्ड पर जगह-जगह प्राइवेट संस्था के पेम्पलेट आदि चस्पां किए जा रहे है। अवैध पार्किंग बसों के ठहराव के लिए शहर में कई स्थानों पर बनाए गए बस स्टॉप पर अवैध रूप से वाहन पार्किंग की जा रही है। जिसे प्रशासन की ओर से अनदेखा किया जा रहा है। जहां एक ओर प्रशासन की ओर से शहर के अंदरुनी व बाहरी इलाकों में अतिक्रमण पर सफाया करने के लिए अभियान जा रहा है वहीं उरमूल सर्किल पर बने सरकारी बस स्टॉप पर अवैध रूप से पार्किंग की जा रही है जिस पर कोई रोक लगाने वाला भी नहीं है।