February 25, 2024

गहलोत के बयान से राजस्थान में बिगड़ा कांग्रेस का सियासी खेल, दबाव में खड़गे

जयपुर। अशोक गहलोत का सचिन पायलट के खिलाफ खुलकर बोलना कांग्रेस आलाकमान को बैकफुट पर ले आया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि गहलोत के बयान से कांग्रेस पार्टी सकते में है लेकिन पायलट के आलाकमान पर भरोसा जताने के बाद भी पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

गहलोत ने पायलट को गद्दार कह दिया और इस डायरेक्ट अटैक के बाद भी पायलट ने मुख्यमंत्री को सधे हुए अंदाज में कद और पद गरिमा बनाए रखने की सलाह दी। पायलट ने साफ कहा कि सीएम इतना असुरक्षित महसूस क्यो कर रहें है उन्हें किस बात का डर सता रहा है। उन्होने ये भी कह दिया कि मुख्यमंत्री इससे पहले भी मुझे निक्कमा और नकारा बोल चुके है जो उनके जैसे वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देता।

राहुल की भारत जोड़ो यात्रा में सचिन पायलट की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है मध्य प्रदेश के बाद गुजरात और राजस्थान में राहुल और पायलट एक साथ कदमताल करेंगे, ऐसे में गहलोत का गुस्सा भी समझा जा सकता है। लेकिन इतने बड़े पद भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी सीएम की जिम्मेदारी है।

हैरान करने वाली बात ये है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और मुख्यमंत्री अपने ही पार्टी के विधायक पर तमतमाए हुए है और आलाकमान इस पूरे मामले में खामोश है। गहलोत को बयान दिए 24 घंटे बीत चुके है लेकिन अभी तक कांग्रेस आलाकमान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, ये बात चौंकाती है।
सवाल ये है कि गहलोत के इस बयानबाजी से कांग्रेस आलाकमान हैरान है या फिर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सही समय का इंतजार कर रहे है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा महत्वपूर्ण चरण में है मध्य प्रदेश के बाद गुजरात और फिर राजस्थान से गुजरेंगे राहुल गांधी, ऐसे में आलाकमान इस मुद्दे को फिलहाल नहीं छूना चाह रही है लेकिन सूत्र बता रहे है कि खड़गे ने अशोक गहलोत के इस बयान से खफा है।