February 26, 2024

जयपुर . यौन शोषण के आरोप में जेल में बंद गुरमीत राम रहीम के डेरे से जयपुर की एक महिला के गायब होने के मामले की जांच सीबीआई या फिर एसओजी के हाथों में जा सकती है। राजस्थान हाईकोर्ट में गुरूवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने कहा कि इस मामले में एसओजी अथवा सीबीआई में से किसी भी एजेंसी से जांच करवाई जा सकती है। पुलिस इसके लिए तैयार है । जज महेन्द्र माहेश्वरी की कोर्ट में पुलिस के जांच अधिकारी राजेश सोनी ने उपस्थित होकर बताया कि सीबीआई अथवा एसओजी से जांच कराने को लेकर विचार चल रहा है । उन्होंने बताया कि सीबीआई हरियाणा में ऐसे ही डेरे से गायब हुए करीब दो दर्जन मामलों की जांच कर रही है,इसलिए कुछ समय दिया जाए । इस पर जज ने अगली सुनवाई एक माह के लिए टालते हुए 7 जनवरी की तारीख दी है ।
जयपुर के जवाहर सर्किल थाना इलाके में रहने वाले कमलेश कुमार नामक व्यक्ति ने जवाहर सर्किल पुलिस थाने में 7 मई,2015 को राम रहीम एवं कुछ अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था । कमलेश द्वारा पुलिस में दर्ज करवाए गए मुकदमें में बताया गया था कि वह अपनी पत्नी एवं बच्चों के साथ 24 मार्च,2015 को राम रहीम के ड़ेरे में गया था । इसी दौरान 29 मार्च को वे भजन कर रहे थे कि एक सेवादार आया और उसकी पत्नी गुड्डी को अपने साथ बाबा की सेवा में जाने की बात कह कर ले गया । उसके बाद से गुड्डी नहीं लौटी । मामले में कमलेश की ओर अधिवक्ता भीमसेन बैरवा और बाबूलाल पैरवी कर रहे हैं । उल्लेखनीय है कि जवाहर सर्किल पुलिस ने पहले तो मामले में एफआर लगाकर बंद कर दिया था,लेकिन कोर्ट के निर्देश पर फिर मामले की जांच शुरू की गई है ।