May 10, 2024

बैंक अफसर से परेशान कैशियर ने सुसाइड किया : लिखा- मेरी अस्थियां कनाडा के नियाग्रा फॉल्स में बहाना, मुझे शांति मिलेगी

अजमेर। चीफ रीजनल ऑफिसर से परेशान बैंक कैशियर ने सुसाइड कर लिया। मौके से सुसाइड नोट मिला। लिखा- अफसर मुझे बार-बार नौकरी से निकालने की धमकी देता है। मेरी अस्थियों को नियाग्रा फॉल्स या कनाडा के किसी वाॅटर फॉल में बहाया जाए। मामला अजमेर रविवार रात का है।
कोतवाली थाने के SI देवाराम के अनुसार, हाउसिंग बोर्ड, अजय नगर निवासी भगवानदास मोची (63) ने रिपोर्ट देकर बताया कि उसका 26 साल का बेटा हिमांशु निरंकारी इंडियन ओवरसीज बैंक किशनगढ़ में कार्यरत है। वह 26 जून की शाम को अपने कमरे में पढ़ाई कर रहा था। रात 8 बजे उसकी पत्नी ज्योति ने देखा तो फंदे पर लटक रहा था।
पड़ोसियों की मदद से उसे नीचे उतारा और JLN हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। मौके से सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें उसने चीफ रीजनल ऑफिसर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मृतक के छोटे साले आगरा निवासी देवेन्द्र कुमार ने बताया कि पिछले एक साल से छुट्‌टी लेकर बैठे थे। उनके स्पाइन में इंजरी थी और इलाज चल रहा था। इसकी सूचना बैंक में दे रखी थी। पिछले कुछ दिनों से बैंक वाले प्रताड़ित कर रहे थे। लास्ट बार 20 जून के पास लेटर दिया कि जॉइन कर लें, वरना टर्मिनेट कर देंगे। उसके प्रेशर में सुसाइड कर लिया है। चीफ रीजनल ऑफिसर एस.एन.पांडिया के प्रताड़ित करने के कारण सुसाइड करने की बात लिखी है।

सुसाइड नोट में लिखा- मेरी मौत का जिम्मेदार मैनेजर
मृतक हिमांशु निरंकारी ने सुसाइड नोट में लिखा- मेरी मौत का जिम्मेदार चीफ रीजनल ऑफिसर एस.एन.पांडिया है। जो मुझे नौकरी से निकालने की धमकी दे रहे थे।
इंडियन ओवरसीज बैंक में बड़ा करप्शन चल रहा है। जो CBI, ED और RBI सभी की नजरों से दूर है। मैं अथॉरिटीज से गुजारिश करना चाहता हूं कि देशभर में बैंक की हर ब्रांच पर रेड की जाए, जिससे भ्रष्टाचार सामने आ सके।
जो करीब 30 हजार करोड़ से ज्यादा का है। जो लोगों के सामने आना ही चाहिए। इसमें एक भ्रष्टाचार 2013 में किशनगढ़ ब्रांच में भी 16 करोड़ का किया गया, जिसमें सिर्फ एक कर्मचारी पर कार्रवाई की गई और मामला 1.5 करोड़ में सेटल कर दिया। CBI और ED को कोई जानकारी नहीं की गई।

नियाग्रा फॉल्स में विसर्जित की जाएं अस्थियां
मैं मेरे परिवार से माफी मांगता हूं। मैं आपको कभी अहसास नहीं दिला पाया कि कितना लायक हूं। मेरी अस्थियों को नियाग्रा फॉल्स या कनाडा के किसी वॉटर फॉल में विसर्जित किया जाए। जिससे मरने के बाद मुझे वो शांति मिले जो जीते हुए नहीं मिली।
जयपुर हेड ऑफिस में कार्यरत चीफ रीजनल ऑफिसर एस.एस. पांडिया से सम्पर्क किया तो ऑफिस में कॉल रिसीव करने वाली महिला का कहना था कि वे अभी बात नहीं कर सकते हैं। वापस कर देंगे। वहीं, उनके मोबाइल पर कॉल किया तो नो-रिप्लाई रहा।